क्या था जस्टिस लोया की मौत का सच, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार

गुजरात में शोहराबुद्दीन मुठभेड़ प्रकरण में सुनवाई कर रहे सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज बीएच लोया की मौत का सच क्या था अब इस पर पर्दा उठ सकता है। घटना के तीन साल बीत जाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई के लिए तैयार हो चुका है। जिस पर शुक्रवार को सुनवाई भी होगी। ये सुनवाई महाराष्ट्र के एक पत्रकार बंधुराज संभाजी लोने की ओर से दायर की गयी याचिका पर होने जा रही है। केस हाई प्रोफाइल है ऐसे में सुनवाई के दौरान पूरे प्रकरण की आंच कहां तक पहुंचेगी ये समय ही बतायेगा।
बाम्बे हाईकोर्ट मेें दायर हो चुकी याचिका
शोहराबुद्दीन में जांच के दौरान सीबीआई ने बीजेपी नेता अमित शाह को भी आरोपी बनाया था जिसमें जज लोया सुनवाई कर रहे थे । लेकिन जज लोया की मौत एक होटल में हो गयी थी। उसके बाद लगातार इस मौत को लेकर सवाल उठाये जा रहे थे। ऐसे में सुनवाई के लिए एक याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट में भी दायर की गयी थी।
2००5 का था मामला
दरअसल 2००5 में सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को गुजरात पुलिस ने हैदराबाद से अगवा किया गया था। जिस पर पुलिस पर भी आरोप लगा था कि पुलिस ने दोनों को मुठभेड़ में मार डाला है। शेख के साथी तुलसीराम प्रजापति को भी 2००6 में गुजरात पुलिस पर मारने का आरोप लगा था। उसे सोहराबुद्दीन मुठभेड़ का गवाह माना जा रहा था।
महाराष्ट्र में ट्रांसफर हुआ था ट्रायल
2०12 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल को महाराष्ट्र में ट्रांसफर कर दिया और 2०13 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रजापति और शेख के केस को एक साथ जोड़ दिया. शुरुआत में जज जेटी उत्पत केस की सुनवाई कर रहे थे लेकिन आरोपी अमित शाह के पेश ना होने पर नाराजगी जाहिर करने पर अचानक उनका तबादला कर दिया गया। फिर केस की सुनवाई जज बी एच लोया ने की और नवंबर 2०14 में नागुपर में उनकी मौत हो गई थी।

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