मदरसों पर बयान के बाद वसीम रिजवी की मुश्किले बढ़ी, रिपोर्ट दर्ज करने की मांग

लखनऊ। मदरसों की शिक्षा ठीक नहीं है। शिक्षा नीति इतनी कमजोर है कि आज तक कोई बता दे कि कितने आईएएस और पीसीएस यहां से निकले हैं? यहां आंतक का पाठ भी पढ़ाया जाता है? ऐसे में मदरसा शिक्षा की निति में बदलाव कर एक सामान शिक्षा की नीति को लागू किया जाना चाहिए। ये बयान है कि सेंटàल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी का। इस मांग को लेकर वह पीएम मोदी और सीएम योगी को चिठ्ठी भी लिख चुके हैं। ऐसे में अब रिजवी के लिए चारो ओर से मुश्किले बढ़ रहे हैं। कहीं उनके विरोध में मुस्लिम संगठन के लोग धरना दे रहे हैं तो कहीं उनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। वहीं शनिवार को हजरतगंज कोतवाली में एक उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व गिरफ्तारी की मांग को लेकर तहरीर भी दे दी गयी है। ऐसे मेें शिया-सुन्नी दोनों समुदाय के मौलाना और मुस्लिम संगठनों ने बोर्ड चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं। मजलिस उलमा-ए-हंिदू से जुड़े देशभर के उलमा पहले ही सरकार से वसीम रिजवी की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं। अब बहुजन मुस्लिम महासभा ने बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी पर विवादित बयान देकर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए हजरतगंज कोतवाली में उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की तहरीर दी है। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वली मुहम्मद ने प्रेस नोट जारी कर प्रदेश सरकार को 2० जनवरी तक वसीम रिजवी की गिरफ्तारी करने का अलटीमेट दिया है। निर्धारित तिथि तक गिरफ्तारी न होने पर वली मुहम्मद ने 25 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का एलान किया है। वहीं, ऑल इंडिया सुन्नी बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद मुश्ताक व एक मिनारा मस्जिद के इमाम कारी मुहम्मद सिद्दीक सहित अन्य मौलानाओं ने बोर्ड चेयरमैन द्बारा दिए गए बयानों पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज की है।

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