विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को नियुक्ति देने के 15 साल बाद भी नहीं मिली तैनाती

लखनऊ।Indianewstimes.in यूपी में जहां फर्जी शिक्षकों पर बेसिक शिक्षा विभाग कार्रवाई नहीं कर पा रहा है वहीं जिनकों 15 साल पहले नियुक्ति दी उनकों तैनाती भी नहीं दे रहा है। करीब 15 साल पहले 2004, 2007 से लेकर 2008 तक विशिष्टï बीटीसी शिक्षकों को नियुक्ति विभाग की ओर से दी जाती है। नियुक्ति मिलने के बाद 6 माह का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस दौरान अभ्यर्थियों कों को 2500 रुपए प्रति माह वेतन भी दिया गया। लेकिन जब मूल तैनाती देने की बात सामने आयी तो परिषद पीछे हठ गया। ऐसे में अभ्यर्थी जहां अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं और अपने जहन में एक सवाल लेकर कभी मंत्री का दरवाजा तो कभी मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटा रहे हैं कि आखिर उनको मूल तैनाती क्यों नहीं दी जा रही है?
सुप्रीम कोर्ट ने भी नियुक्ति का दिया है आदेश
जब बात नहीं बनी तो अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया, खैर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बात को प्रमुखता से सुना और उनको राहत देते हुए बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश जारी कर कोर्ट ने कहा कि इनकी नियुक्ति हो चुकी है ऐसे में इनकों मूल तैनाती नियमानुसार मिलनी चाहिए। 17 अप्रैल 2017 को जारी इस आदेश में कोर्ट ने ये भी कहा कि जबतक इनकों मूल तैनाती नहीं दी जाती है तब तक इनकों पहले से मिलने वाला 2500 रुपए प्रति माह दिया जाना चाहिए। इस आदेश के करीब एक साल हो गये लेकिन विभाग ने अभी तक सुध नहीं ली।
तैनाती मिली कुछ ही साल नौैकरी कर पायेंगे शिक्षक
शिक्षकों की वास्तविक उम्र अब 50 से 52 वर्ष हो चुकी है। ऐसे में अब इन शिक्षकों मन में बड़ा सवाल यह भी है कि उनको कब तैनाती मिलेगी और तैनाती मिलने के बाद कुछ ही साल नौकरी भी कर पायेंगे। शिक्षकों कहना है कि जब हमें तैनात नहीं करना था तो उन्हें क्यों नियुक्त किया गया। शिक्षकों ने कहा कि अब हम इस मोड़ पर खड़े हैं कि कोई रोजगार भी नहीं कर सकते हैं।
कुछ इस तरह हो चुकी है शिक्षकों की उम्र
राम नायम उम्र 52 वर्ष, दर्शराम उम्र 52 वर्ष, अवधेश प्रसाद उम्र 51 वर्ष, रामबुझ उम्र 52 वर्ष, प्रमोद कुमार उम्र 54 वर्ष, गोविंद राम उम्र 52 वर्ष, राधा रमन शर्मा उम्र 50 वर्ष, राम प्रकाश उम्र 51 वर्ष ,फुलवास राम उम्र 51 वर्ष, नीतू शर्मा उम्र 50 वर्ष, तेजपाल उम्र 52 वर्ष, गोविंद राणा उम्र 53 वर्ष
शशिबाला उम्र 50 वर्ष, साधना तिवारी उम्र 52 वर्ष, चिंता देवी उम्र 53 वर्ष
सचिव ने दिया था ऐसा जवाब
शिक्षकों ने बताया कि इस बारे में जब हम लोग मुख्य राज प्रताप सिंह ने से मिले तो उन्होंने समस्या सुनने की बजाय और नाराजगी जता दी। शिक्षकों ने बताया कि सचिव ने कहा कि तुम्हारे पास कोर्ट का आर्डर हो या फिर जो भी हमें परवाह नहीं है। शिक्षकों का आरोप है कि सचिव ने ये तक कह दिया कि बेसिक शिक्षा विभाग कई कंटेम्प्ट चल रहे हैं, जाओ तुम भी एक कर दो लेकिन हम नियुक्ति नहीं करेंगे।

बेसिक शिक्षा परिषद सचिव नहीं सके जवाब
इस बारे में जब बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा से बात की गयी तो वह कोई जवाब नहीं दे पाये। उन्होंने इतना जरूर कहा कि इस मामले को बाद में देखेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।

मामला मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर-निदेशक
इस बारे में जब बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि मामला मेरे अधिकार में नहीं है।

सात दिनों से शिक्षक डटे धरने पर, सुध लेने वाला कोई नहीं

लखनऊ। विशिष्टï बीटीसी शिक्षक पिछले सात दिनों से लक्ष्मण मेला मैदान में धरने पर बैठे हैं। उनकी सुध लेने शासन का कोई भी प्रतिनिधि अभी तक नहीं आया है। ऐसे में शिक्षकों ने तय किया है कि वह दो दिनों भूख हड़ताल करेंगे। धरने पर बैठे शिक्षक प्रमोद कुमार, विनोद कुमार, महेन्द्र प्रताप, निशा रानी, प्रिंयका त्रिपाठी, नीतू सिंह, संजय सिंह, अनिल समेत तमाम शिक्षकों की मांग है कि उनको जल्द से जल्द तैनाती दी जाये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

20 + five =