यूपी में सुधरेगी बेसिक, माध्यमिक, इंजीनियरिंग और मेडिकल के साथ उच्च शिक्षा व्यवस्था, सीएम योगी का है ये बजट

प्रयोगत्‍माक फोटो

लखनऊ। सत्ता परिवर्तन के बाद सूबे की कमान संभालते ही योगी आदित्यानाथ ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर तमाम वायदे जनता से किए हैं। इन्ही वादो को पूरा करने के उद्देश्य से सीएम ने पहले ही बजट में शिक्षा के लिए एक बड़ा बजट रखा है। मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, इंजीनियरिंग की शिक्षा, मेडिकल शिक्षा और उच्च शिक्षा मे तमाम सुधार का लक्ष्य रखा है। इस बजट के माध्यम से धरातल पर कितना सुधार देखने को मिलता है ये अलग की बात है। लेकिन शिक्षा के लिए जो बजट और घोषणाएं है उसके बारे में आपका भी जानना जरूरी है।

                               बेसिक शिक्षा का बजट
  •  सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 18 हजार 167 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
  • कक्षा-1 से 8 तक के सभी बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं यूनीफाॅर्म हेतु बजट में क्रमशः 76 करोड़ रुपये एवं 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • मध्याह्न भोजना योजना हेतु 2 हजार 48 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। इसके अतिरिक्त छात्र तथा छात्राओं को फल वितरित किये जाने हेतु 167 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर, पेयजल, बिजली, चहारदीवारी का निर्माण किये जाने हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

                     माध्यमिक शिक्षा का बजट

  • प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने हेतु माध्यमिक शिक्षा अभियान हेतु 480 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
  •  पं0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माॅडल विद्यालयों के संचालन हेतु 26 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित।

                            उच्च शिक्षा का बजट

  • राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान हेतु 167 करोड़ रुपये एवं माॅडल महाविद्यालयों की स्थापना हेतु 37 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना हेतु 21 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना तथा पूर्व से निर्माणाधीन महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों को पूर्ण किए जाने हेतु 106 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
                      प्राविधिक शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा का बजट
  •  रूसा योजना के अन्तर्गत जनपद गोण्डा एवं बस्ती में इंजीनियरिंग काॅलेजों की स्थापना की जा रही है, जिसके लिये 14 करोड़ 52 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • जनपद कन्नौज, सोनभद्र तथा मैनपुरी में इंजीनियरिंग काॅलेजों के संचालन हेतु वित्तीय वर्ष 2018-2019 में लगभग 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  राज्य के संसाधनों से मिर्जापुर तथा प्रतापगढ़ में नये इंजीनियरिंग काॅलेज निर्माणाधीन हैं, जिसके लिये 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                               चिकित्सा शिक्षा का बजट
  • प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के फेज-3 के अन्तर्गत 04 मेडिकल कालेजों यथा-झांसी, गोरखपुर, इलाहाबाद तथा मेरठ में उच्चीकृत सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाये जा रहे हैं तथा 02 मेडिकल काॅलेजों कानपुर एवं आगरा में सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाये जाने हेतु कुल 126 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी को प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित।
  • केजीएमयू में आर्गन ट्रान्सप्लान्ट यूनिट स्थापित किये जाने का लक्ष्य।
  •  डा0 राम मनोहर लोहिया इन्स्टीयूट आॅफ मेडिकल साइंसेज के नवीन कैम्पस में 500 शैय्यायुक्त सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कालेज का निर्माण कराया जायेगा।
  •  प्रदेश के पाॅच जनपदों के जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज के रूप में पूर्ण करने के लिये 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ग्रेटर  नोयडा में शैक्षणिक सत्र 2018-19 में एमबीबीएस की 100 सीटों पर पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जायेगा।
  •  राजकीय मेडिकल कालेज कानपुर, गोरखपुर, आगरा और इलाहाबाद में बर्न यूनिट की स्थापना  के लिये 14 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • राजकीय मेडिकल कालेजों एवं संस्थानों में फायर फाइटिंग और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

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