लखनऊ में साफ्टवेयर इंजीनियर से दो करोड़ की ठगी, कमिश्नर ​हस्तक्षेप पर इस थाने में दर्ज किया मुकदमा

लखनऊ। गोमती नगर थाने में एक साफ्टयेवर इंजीनियर से पौने दो करोड़ की ठगी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से साझेदारों ने धोखाधड़ी कर रूपए हड़प लिया है। दिल्ली प्रीत विहार निवासी मोहित मित्तल साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनके मुताबिक विकासखंड-दो में कार्डिनल टेक्नोलॉजी का दफ्तर है। जिसके संचालक जितेंद्र श्रीवास्तव, कुसुम लता, अभय, तनय और प्रेरणा हैं। पीड़ित के अनुसार वह सॉफ्टवेयर डेवलेप करने के लिए जितेंद्र श्रीवास्तव ने मोहित से सम्पर्क किया था। काम के दौरान ही जितेंद्र ने मोहित को उसकी कम्पनी से जुड़ने का प्रस्ताव दिया था। जिसके तहत मोहित को कम्पनी में 24 प्रतिशत की हिस्सेदारी दी गई थी। पीड़ित के मुताबिक वह कार्डिनल कम्पनी से जुड़ कर काम करता रहा। इस दौरान उसने कई सॉफ्टवेयर बनाए। साथ ही ग्राहकों को यह सॉफ्टवेयर बेचे भी थे। जिसके बदले में मिली रकम कम्पनी में जमा की गई थी। पीड़ित के अनुसार करीब पौन दो करोड़ रुपये का काम करने के बाद भी उसे एक रुपये नहीं दिए गए। इस बीच ठगों ने तनख्वाह समेत अन्य मदों में कम्पनी की रकम फर्जी बिलों के सहारे दूसरे खातों में जमा कर दी। इस बात का पता चलने पर मोहित ने विरोध किया था।

ठगों ने वीजा भी रद्द करा दिया
पीड़ित के अनुसार कार्डिनल से जुड़ने के बाद उसका अमेरिका का वीजा भी कम्पनी ने ट्रांसफर कराया था। इसके लिए अमेरिका में एक दफ्तर भी खोला गया था। मोहित के मुताबिक ठगों ने उसे जाल में फंसाने के लिए यह नाटक रचा था। आरोप है कि कार्डिनल की तरफ से जारी कराया गया एच-1 वीजा जितेंद्र ने रद्द करा दिया था। पुलिस ने जितेंद्र श्रीवास्तव, कुसुम लता, अभय, तनय और प्रेरणा श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

कोट——
गोमती नगर थाने में पौने दो करोड़ की ठगी का मामला दर्ज किया गया है, आरोपियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गये हैं।
डीके ठाकुर पुलिस कमिश्नर

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