कोरोना से निपटने के, DCGI ने कहा इस वैक्सीन को भी कर सकेंगे इस्तेमाल, जानिए क्या है वैक्सीन का नाम

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कोरोना के कहर से निपटने के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने रूस की स्पुतनिक वी वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी देते हुए कहा, मौजूदा हालात में इसे भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस वैक्सीन का नाम स्पुतनिक वी (Sputnik-V) है। जो कि तीसरी वैक्सीन अब भारत में इस्तेमाल होगी। शुरुआत में इसे रूस से आयात किया जाएगा लेकिन आने वाले समय में देश में ही इसका उत्पादन किया जाएगा।

एसईसी ने की थी सिफरिश
कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने सोमवार को ‘स्पूतनिक वी’ के सीमित आपात इस्तेमाल की सिफारिश की थी। डीसीजीआई ने भारत बायोटेक के ‘कोवैक्सीन’ और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रोजेनेका के ‘कोविशील्ड’ टीके को पहले ही आपात इस्तेमाल की मंजूरी जनवरी में दे दी थी।

अगले कुछ महीनों में 10 करोड खुराक मिलने की संभवाना
मीडिया रिपोर्ट की माने तो स्पूतनिक वी टीके की करीब 10 करोड़ खुराक अगले छह-सात महीने में आयात किये जाने की संभावना है। भारत में स्पुतनिक-V की डोज तैयार करने के लिए रशियन डायरेक्ट इनवेस्ट फेंड (RDIF) हैदराबाद की दवा कंपनी डॉक्टर रेड्डी लेबोरेट्रीज समेत कई भारतीय दवा निर्माता कंपनियों के साथ साझेदारी की है। रेड्डी लेबोरेट्रीज के अलावा इस साझेदारी में Hetero Biopharma, Gland Pharma, Stelis Biopharma और Vichrow Biotech शामिल है।

रूस के इस संस्थान में तैयार हुई थी वैक्सीन

रूस स्थित Gamaleya Institute द्वारा तैयार स्पुतनिक-V, कोरोना वायरस के खिलाफ 91.6 प्रतिशत तक असरकारक है। इसका परीक्षण रूस में 19,866 लोगों पर किया गया था. स्पुतनिक वेबसाइट के मुताबिक, अंतिम चरण का परीक्षण यूएई, भारत, वेनेजुएला और बेलारूस में किया गया था।