शिक्षक कर्मचारी नहीं एक गुरू होता है, सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मान के साथ रामचरितमानस मानस भेंटकर दी गयी विदाई

शिक्षक कोई कर्मचारी नहीं होता है बल्कि वह एक गुरू होता है, और गुरू की भूमिका समाज में बहुत बड़ी होती है, इसलिए शिक्षक कभी सेवानिवृत्त भी नहीं होता। इसी संबोधन के साथ शनिवार को राजधानी के जोन एक और दो के सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश सिंह ने विदाई दी। इस दौरान उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को साल भेंट करते हुए साथ में रामचरित मानस भी भेंट की। खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश ने बताया कि नगर क्षेत्र जोन-1 से 3 शिक्षिका मंजू लता राय प्राथमिक विद्यालय सरोजनीनगर, भगवती कांडपाल सहायक अध्याकप गौरी, शाहिदा बेगम सहायक अध्यापक फरुखाबाद चिल्लावा एवं जोन 4 के शिक्षक चन्द्रपाल एवं विमलेश गुप्ता 31 मार्च  को सेवानिवृत्त हुए थे इस शिक्षकों को विदाई दी गयी।

शिक्षिका सुमन पाण्डेय की पक्तियों से भावुक हुए शिक्षक

इस मौके पर शिक्षकों के सम्मान में शिक्षिका सुमन पाण्डेय ने अपनी पक्तियों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि “विदाई तो दस्तूर है जमाने का पुराना, पर जहां भी जाना अपनी छाप कुछ ऐसे छोड़ जाना, कि हर कोई गाये तुम्हारा ही तराना। कार्यक्रम में दोनों जोन के शिक्षक-शिक्षिकाएं मंजूबाला राय, मनोज द्विवेदी, वसीम रजी, विनोद चौरसिया आदि उपस्थित रहे।