अंतरिक्ष पर जाने के लिए कार चालक ने बनाया रॉकेट, 571 मीटर उड़ा, बंद हुआ तो उठाया ये कदम

न्यूज डेस्क। अमेरिका में 61 वर्षीय बुजुर्ग कार चालक ने अपने घर पर स्टीम रॉकेट तैयार कर दिया। इसके बाद इसमें बैठकर उड़ान भी भरी। रॉकेट करीब 571 मीटर की उँचाई पर पहुंचा और रास्ते में ही बंद हो गया तो उसने रास्ते में ही छलांग लगा दी।
अमेरिका के 61 वर्षीय मैड माइक ह्यूग्स नाम का ये शख्स वैज्ञानिकों के दावे को झूठा साबित करना चाहता है। उसका मानना है कि प्रथ्वी गोल नहीं बल्कि चपटी हुई है। इसी को साबित करने के लिए उसने रॉकेट का निर्माण कर दिया। बीते शनिवार के उसने उसी रॉकेट में बैठकर उड़ान भी भरी जिसके बाद राकेट 571 मीटर ऊपर गया, उसके बाद वह बीच में बंद हो गया जिसके चलते मैड माइक ह्यूग्स को छलांग लगानी पड़ गयी। पैराशूट के माध्यम से नीचे गिरे माइक ह्यूग्स को हल्की चोट भी आयी जिसके बाद उनको इलाज के लिए अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा।
साढ़े तीन सौ मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ा रॉकेट
बताया जा रहा है बीते शनिवार को ये रॉकेट आसमान की ओर उड़ाया गया। इसकी रफ्तार साढ़े तीन सौ मील प्रति घंटे की रफ्तार थी। लेकिन उड़ने कुछ ही देर बाद उसका संतुलन बिगड़ गया। जिसके बाद माइक ने बाहर आने के लिए छलांग लगा दी। माइक की इस हरकत के बाद दुनिया भर के वैज्ञानिक हैरान है। वहीं मौके पर मौजूद तमाम लोगों ने इसे एक अद्भुत प्रयोग बताया।
अंतरिक्ष जाने की तैयारी में माइक
माइक बताते हैं उनका रॉकेट बनाने के पीछे का मकसद अंतरिक्ष जाना है। हालांकि बुजुर्ग माइक एक कार चालक है। उनका कहना है कि वैज्ञानिकों का दावा गलत है प्रथ्वी गोल नहीं बल्की चपटी हुई है। अपनी इस मान्यता को सही साबित करने के लिए माइक अपना प्रयास जारी रख्ोंगे। वह कई वर्षों से मेहनत भी इसके लिए कर रहे हैं। और ये आगे भी जारी रहेगा।

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