लखनऊ डॉयट प्राचार्य की योजना को मंत्री ने सराहा, अब प्रदेश भर में लागू करने की तैयारी

लखनऊ। लखनऊ डॉयट प्राचार्य पवन सचान ने एक ऐसी योजना लागू की जिससे प्रशिक्षुओं को फायदा तो होगा साथ में उन बच्चों को भी पढ़ाई का मौका मिलेगा जो कभी स्कूल ही नहीं गये। योजना का नाम एक प्रशिक्षु एक प्रवेश है। जिसे आओ स्कूल चले नाम से शुरू किया गया है। लखनऊ में इस योजना के सफल हो जाने के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने इसकी पहले ही तारीफ की थी। अब बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जयसवाल ने भी इस योजना को सराहनीय बताया है। सोमवार को बेसिक शिक्षा मंत्री डायट में आयोजित श्ौक्षिक नवाचार एवं सांस्कृतिक महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी। यहां पहुंचकर उन्होंने डायट का निरीक्षण भी किया साथ ही बायोमीट्रिक सिस्टम को भी देखा। मंत्री ने एक प्रशिक्षु एक प्रवेश योजना को प्रदेश के सभी जिलों के डॉयट पर लागू करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए जो भी अच्छी योजना हो उसे अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राचार्य पवन सचान ने एक अच्छी पहल की है जिससे प्रशिक्षुओं को जहां अंको का लाभ होगा वहीं बच्चे भी साक्षर होंगे। मंत्री ने इस दौरान प्रशिक्षुओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि एक प्रशिक्षु जब शिक्षक बनता है तो उसका दायित्व बच्चों को पढ़ाने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि ये शिक्षक का कत्र्वय है कि वह अंतिम कोशिश तक बच्चों को साक्षर बनाने का प्रयास जारी रख्ो।

क्या है एक प्रशिक्षु एक प्रवेश योजना
एक प्रशिक्षु एक प्रवेश ऐसी योजना है जो प्रदेश के किसी भी जिले में नहीं लागू हुई। सिर्फ लखनऊ ही ऐसा जिला है जहां इस योजना को शुरू किया गया था। यहां सफल होने के अब इसे प्रदेश भर में लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस बारे में जानकारी देते हुए डायट प्राचार्य पवान सचान ने खुद बताया कि बीटीसी में आंतरिक मूल्यांकन होता है। इसके तहत सभी प्रशिक्षुओं के लिए एक प्रशिक्षु एक प्रवेश योजना लागू की गयी है। इस योजना के तहत प्रत्येक प्रशिक्षु को एक ऐसे बच्चे का प्रवेश कहीं से भी स्कूल में कराना होगा जो कभी स्कूल नही गयें हो और उसके माता पिता को भी स्कूल का महात्व बताना होगा। उन्होंने कहा प्रशिक्षु ने बच्चे का एडमिशन सच में करवा दिया है इसका भी रिकार्ड रखा गया है। ऐसे में जिस स्कूल में बच्चे को दाखिला मिलेगा वहां का प्रधानाचार्य लिखित रूप से एक पत्र भी प्रशिक्षु को देगा। जिसे डायट में प्रशिक्षु जमा करेगा तो उसे 1० बोनस अंक दिए जायेंगे।
इस योजना से अब तक 2262 बच्चों को दाखिला
इस योजना के शुरू होने के बाद जिले भर में अब तक 2262 वह बच्चे स्कूल पहुंच गये जो कभी पढ़ने ही नहीं जाते थ्ो। इस रिकार्ड को जब बेसिक शिक्षा मंत्री ने देखा तो वह भी डायट प्राचार्य की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पायी। उन्होने कहा ऐसी सार्थक पहल सभी जिलों में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे पूरे प्रदेश में लागू कराने का प्रयास किया जायेगा।
नवाचार का प्रयोग करने वाले शिक्षक सम्मानित
नवाचार का प्रयोग करने वाले 41 परिषदीय शिक्षकों को मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने सम्मानित किया। वहीं मंत्री ने इस दौरान कहा कि नवाचार बहुत जरूरी हो गया है। इससे बेसिक शिक्षा में बहुत कुछ बदल रहा है। उन्होंने का कहा कि किसी भी कार्य को नये तरीके से ही करना नवाचार कहलाता है। उन्होंने कहा नवाचार से बच्चों का लर्निग स्तर भी बढ़ता है। मंत्री ने इस दौरान नवाचार पुस्तिका अभिनव का लोकापर्ण भी किया।
 लखनऊ बीएसए का भी रहा सहयोग
डॉयट प्राचार्य पवन सचान ने कहा कि एक प्रशिक्षु एक प्रवेश योजना को लागू करने के लिए जब हमने प्लान तैयार किया तो उसमें लखनऊ बीएसए प्रवीण मणि त्रिपाठी का भी सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि जब भी बच्चे को प्रवेश मिला उसे तत्काल बीएसए की ओर से समय से कॉपी किताब यूनिफॉर्म भी दिया गया जिससे बच्चों को हौंसला भी बढ़ा।
डायट में तैयार किए जा रहे योग मॉस्टर
बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि योग और क्राफ्ट का बहुत महात्व है। डायट में योग में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। बच्चों को योग सिखाया जा रहा है। साथ ही ख्ोल शिक्षा की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 22 जिलों में पांच हजार फुटबाल भी दिए गये हैं।

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