हांड़ कपा देने वाली ठंड ने प्रदेश में कर दी 85 हत्याएं, सभी डीएम एलर्ट

लखनऊ। राजधानी समेत समूचे उत्तर प्रदेश में ठंड का सितम जारी है, इस बार की ठंड ने अब तक 85 लोगों को मौत की नींद सुला दिया है। हांड़ कपां देने वाली ठंड के बीच लोगों को जीना मुहाल हो रहा है। वहीं सभी जिलों के जिलाधिकारियों को प्रदेश सरकार ने एलर्ट रहने का आदेश जारी किया है। जिसके तहत रैन बसेरों को दुरुस्त करने और जरूरतमंदों को कंबल वितरण किए जाने के अभी निर्देश जारी हुए हैं। हालांकि दैनिक समाचार पत्रों में मौतों के आकड़े अलग-अलग हैं। लखनऊ में पारा तीन डिग्री तक पहुंच गया, जो कि इस बार का सबसे ठंडा मौसम था। वहीं अन्य जिलांें की बात करें तो सुलतानपुर और फुर्सतगंज भी सबसे ठंडे जिले रहे। यहां 2.8 डिग्री पारा पहुंच गया। बाराबंकी 3.4 डिग्री के साथ तीसरा सबसे ठंडा जिला रहा। वहीं बहराइच का न्यूनतम पारा 3.7 डिग्री, कानपुर शहर का तापमान 4.2 डिग्री, मुजफ्फरनगर का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री दर्ज किया गया।
केदारनाथ देश में सबसे ठंडा
वहीं पूरे देश की बात करें तो ठंड के सितम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक पूरे देश में केदारनाथ सबसे ठंडा पाया गया है। उत्तराखंड में इन दिनों बर्फीली हवाओं के बीच लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। जहां स्कूल कॉलेजों में ताले पड़े हुए हैं वहीं लोगों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। यहां पर मूसरी में तापमान शून्य से चार और अल्मोड़ा में दो डिग्री नीचे चला गया। केदारनाथ में न्यूनतम तापमान शून्य से 11 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।

जारी रहेगा विश्ोष कंबल वितरण अभियान
प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों को कंबल वितरण अभियान चलाने का निर्देश जारी किया गया है। प्र्रदेश सरकार की ओर से प्रयास जारी है कि जिलाधिकारी रैन बसेरों की स्थिति को भी देखतें रहें। इस बारे में इंडिया न्यूज टाइम्स डॉट इन से बातचीत में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव डा. रजनीश दुबे ने बताया कि शीतलहरी के प्रकोप के दृष्टिगत रैन बसेरा, अलाव व्यवस्था के सत्यापन एवं कम्बल के लिए 11 और 12 जनवरी को विश्ोष अभियान चलाया जायेगा। प्रमुख सचिव ने बताया कि 12 जनवरी को सांसद, मंत्री तथा विधायक की उपस्थिति में समस्त तहसील मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित कर 1 व 2 जनवरी, 2०18 को चलाये गये कार्यक्रम में अवशेष पात्र लोगों को कम्बल वितरित किये जायेंगे। इसके साथ ही 11 जनवरी की रात्रि में जिलाधिकारी एवं जनपद स्तरीय अन्य अधिकारियों की टीम गठित कर जलाये जा रहे अलाव, रैन बसेरा/अस्थायी शेल्टर होम में मूलभूत सुविधाओं का सत्यापन कराया जायेगा तथा आवश्यकतानुसार सुविधाओं को और भी सुदृढ़ कराया जायेगा।

9० लाख से इन तीन जिलों को दी जायेगी राहत
कंबल वितरण और अलावा जलाने व रैन बसेरों को दुरुस्त रखने के लिए प्रदेश सरकार ने 9० लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें तीन जिलों को राहत प्रदान की जायेगी। राजस्व विभाग के विशेष सचिव एवं राहत आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि अत्यधिक ठण्ड एवं शीतलहरी से बचाव हेतु जौनपुर जनपद को 3० लाख रुपये कम्बल हेतु, गोरखपुर जनपद को 35 लाख रुपये कम्बल हेतु तथा 3.5 लाख रुपये अलाव हेतु तथा वाराणसी जनपद में 2० लाख कम्बल हेतु तथा 1.5 लाख रुपये अलाव हेतु इस प्रकार कुल 9०,००,००० (नब्बे लाख) रुपये स्वीकृत किये गये हैं।

प्र्रदेश में अभी ठंड से राहत की उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं के चलते ठंड अभी बढ़ेगी। ऐसे में लोग सर्दी से बचाव सभी प्रयास करते रहे साथ ही बच्चों को ठंड से बचा कर रख्ों
जेपी गुप्ता निदेशक मौसम विभाग

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