लखनऊ में आसान नहीं होगा आंतकियों का आना, एनएसजी और सेना मिलकर करेंगे एंटी टेररिस्ट ऑपरेशन

लखनऊ। लखनऊ में आतंकी अगर हमला करते हैं तो यहां लोगों को को सुरक्षा कैसे प्रदान की जायेगी, इसका एक बड़ा उदाहरण मॉकड्रिल के लिए जारिए प्रस्तुत की किया जायेगा। ये कार्यक्रम मुंबई में हुए 26/11 हमले की बरसी के दो दिन पहले किए जायेंगे। जिसमें लखनऊ के लोगों में भी सुरक्षा को लेकर एक नया विश्वास कायम होगा। अधिकारियों के मुताबिक होटल ओबराय, मुंबई रेलवे स्टेशन जैसे सीन को भी रिक्रिएट किया जायेगा। इसमें एनएसजी और भारतीय सेना के जांबाज मिलकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
इस ऑपरेशन के लिए लखनऊ में कई लोकेशन तय किए गए हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑपरेशन में जहां एनएसजी के 145 जांबाज कमांडो हिस्सा लेने लखनऊ आ रहे हैं। वहीं सेना के 135 पैरा कमांडो भी एनएसजी कमांडो के साथ अब तक के सबसे बड़े एंटी टेररिस्ट ऑपरेशन में हिस्सा लेंगे। लखनऊ में एनएसजी और सेना के पैरा कमांडो कई जगहों से आ रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह ऑपरेशन पानी के नीचे और हवा में भी अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग भी होगा। वहीं नदी के नीचे जाकर बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने की ड्रिल भी की जाएगी।
20 नवंबर को सौंपी जायेगी अंतिम लोकेशन

ऑपरेशन के लिए बिल्डिंग के साथ रेलवे स्टेशन को भी चुना गया है। हालांकि 20 नवंबर तक अंतिम रूप से लोकेशन को एनएसजी व पैरा कमांडो को सौंपा जाएगा। इससे पहले एनएसजी नियमित अंतराल पर चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एंटी हाईजैकिंग ऑपरेशन की ड्रिल कर चुकी है। जबकि नौसेना के मरीन कमांडो मार्कोस ने डिफेंस एक्सपो के दौरान गोमती नदी में अपने शौर्य का प्रदर्शन किया था। अक्टूबर 2017 में आगरा एक्सप्रेस वे पर वायुसेना के गरूड़ कमांडो ने भी ड्रिल में हिस्सा लिया था।

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