मूल निवास प्रमाण पत्र में शिक्षिका ने किया खेल तो नियुक्ति हुई निरस्त

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षकों की ओर से किए गये एक से बढ़कर एक कारनामें निकलकर सामने आ रहे हैं। कभी फर्जी डाक्यूमेंट के आधार पर नौकरी तो कभी परिषद को गलत जानकारी मुहैया कराना। ताजा मामला मुजफ्फर नगर जिले का है। यहां एक प्राइमरी की शिक्षिका ने मूल निवास प्रमाण पत्र ही गलत लगा दिया। पकड़े जाने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उसकी नियुक्ति रद्द कर दी है। साथ ही इस संबंध में कार्रवाई क्या गयी जब राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा तो बीएसए मुजफ्फर नगर चन्द्रकेस यादव ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि सहायक अध्यापक विज्ञान, इरमा सबा की नियुक्ति अवैध होने के कारण निरस्त कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया है कि इरमा सबा द्बारा काउन्सिलिग के समय दिए गये मूल निवास प्रमाण पत्र आवेदन करने की तिथि के बाद का बना पाया गया। उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर निवासी राजीव कुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर से सूचना अधिकार अधिनियम के तहत इरमा सबा द्बारा नियुक्ति के समय दिये गये प्रमाण पत्रों की जांच एवं उस पर की गयी कार्यवाही संबंधी सूचनाएं मांगी थी। विभाग द्बारा सूचना प्राप्त न होने पर याची ने राज्य सूचना आयोग में अपील कर सूचना मांगी थी।

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