शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने विधानभवन के सामने भरी हुंकार, पुलिस ने हिरासत में लेकर भेजा ईको गार्डेन


— पिछले 161 दिनों से बेसिक शिक्षा निदेशालय से लेकर ईको गार्डन तक प्रदर्शन जारी

लखनऊ। 69 हज़ार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के साथ छेड़छाड़ किए जाने और इस मामले में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग को लेकर दर्जनों अभ्यर्थियों ने विधान भवन के सामने प्रदर्शन किया। सुबह आठ बजे अभ्यर्थियों के विधान भवन के सामने पहुंचते ही हंगामा खड़ा हो गया। पुलिस को अभ्यर्थियों को जबरन हिरसत में लेकर ईको गार्डेन भेजना पड़ा। दोपहर अभ्यर्थियों ने ईको गार्डेन से निकल कर विधानभवन की जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने सख्ती से रोक दिया। शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी सुबह ही विधानभवन के सामने पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस अभ्यर्थियों को रोकने में जुट गई। अभ्यर्थियों की एक टुकडी को जीपीओ गेट के पास रोक दिया। वह सभी वहीं पर सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। इधर विधानभवन के सामने भी अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए।
आरक्षण को लेकर शिक्षकभर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आंदोलन 161 दिन से चल रहा है। शुरुआती डेढ़ महीने अभ्यर्थियों ने निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद से बीते तीन माह से ईको गार्डेन में धरना दे रहे हैं। प्रदर्शन में मुख्य रूप से वीरेन्द्र यादव, तस्लीम बानो, मुक्ता कुश्वाहा, विजय यादव समेत तमाम अभ्यर्थी मौजूद रहे।

बीसी को 27 फीसदी आरक्षण की मांग—बॉक्स
आंदोलनकारी अमरेन्द्र सिंह, मुकेश प्रजापति, विजय यादव ने सरकार से अनारक्षित के कटऑफ 67.11 प्रतिशत के नीचे 27 फीसद आरक्षण दिए जाने की मांग की। उनका आरोप है कि ओबीसी वर्ग को इस भर्ती में 27 प्रतिशत की जगह मात्र 3.87 प्रतिशत आरक्षण मिला है। वहीं एसी वर्ग को 21 की जगह 16.6 फीसद आरक्षण मिला जोकि संविधान के खिलाफ है।

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