अयोध्या मामले में आठ फरवरी तक सुनवाई टली

लखनऊ। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने  मंगलवार को सुनवाई के दौरान नई तारीख घोषित कर दी है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में 8 फरवरी 2018 को सुनवाई करेगा। साथ ही कोर्ट ने तबतक मामले से सम्बंधित सभी दस्तावेज जमा करने को कहा है। ऐसे में सभी ओर से 8 फरवरी से पहले 19950 पन्नों के दस्तावेजों को कोर्ट में जमा करना होगा। लेकिन इन सभी दस्तावेजों का अनुवाद भी पूरा करना होगा। जबकि सुनवाई से पहले कहा जा रहा था कि मामले की डे टू डे सुनवाई होगी। लेकिन मंगलवार को ऐसा नही हो सका। सुनवाई टालने के बाद हिन्दू महा सभा के वकील ने कहा कि मुस्लिम पच्छ की ओर से मामले को टलवाने की पहले ही पूरी कोशिश थी जो कि सफल हुई है। पूरे मामले की तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। हालांकि मंगलवार को सुनवाई के दौरान ये तय किया जाना था  कि विवादित भूमि पर किसका अधिकार है। शीर्ष अदालत में इस मामले में 13 अपील दायर की गई हैं। इनमें वे याचिकाएं भी हैं जिनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के वर्ष 2०1० के आदेश को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा था कि पहले हम यह तय करेंगे कि विवादित भूमि पर किसका अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि भूमि विवाद का मामला सुलझने के बाद पूजा-अर्चना का अधिकार आदि मसलों पर बाद में सुनवाई होगी।
शिया वक्फ बोर्ड मंदिर के पक्ष में
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर प्रस्ताव दिया है कि अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण हो और मस्जिद लखनऊ में बनाई जाए। बोर्ड ने कहा कि विवाद को समाप्त करने के लिए वह विवादित स्थल पर अपना अधिकार पूरी तरह छोड़ने को तैयार है।

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