75 प्रतिशत उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को ही मिलेगी छात्रवृत्ति

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर) दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली में संशोधन किया है। संशोधित नियमावली के अनुसार शैक्षिक सत्र में 75 प्रतिशत या उससे ऊपर उपस्थिति वाले छात्र/छात्राओं को ही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति सुविधा का लाभ मिलेगा। यदि किसी छात्र की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम हैं तो छात्र/छात्रा को भुगतानित शुल्क की धनराशि वापस करनी होगी। लागू नई व्यवस्था के अनुसार निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में संचालित ऐसे पाठ्यक्रम जिन्हें किसी की मान्यता नहीं हैं, उन्हें भी शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं की जायेगी। शैक्षिक संस्थानों द्बारा आवश्यक सूचनाओं को मास्टर डाटाबेस में प्रत्येक वर्ष 31 जुलाई तक अपलोड करना होगा। ऐसे छात्र/छात्राएं जिन्होंने पिछली कक्षा में 5० प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर परीक्षा उत्तीर्ण की होगी, को दशमोत्तर छात्रवृत्ति का लाभ अनुमन्य होगा। मास्टर बेस में प्रत्येक वर्ष केवल ऐसे शिक्षण संस्थान शामिल हो सकेंगे जिनको एवं जिनमें संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता एवं सम्बद्धता 15 जुलाई तक सक्षम स्तर से प्राप्त हो चुकी हो। इसके पश्चात मान्यता/सम्बद्धता प्राप्त करने वाले शिक्षण संस्थान एवं पाठ्यक्रमों को आगामी वित्तीय वर्ष में मास्टर डाटाबेस में शामिल किया जायेगा। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु आनलाइन आवेदन निर्धारित तिथि तक केवल वेबसाइट जजचरूध्ध्ेबीवसंतेीपचण्नचण्दपबण्पद के माध्यम से ही भरा जायेगा। किसी अन्य माध्यम से भरे गये आवेदन पत्र मान्य नहीं होंगे। निर्धारित तिथि के पश्चात एनआईसी द्बारा डाटा लॉक कर दिया जायेगा। इसके बाद किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा। ऑनलाइन डाटा में छेड़-छाड़ किये जाने पर आई.टी. एक्ट के तहत सम्बन्धित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

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