यूपी में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश, सीएम योगी ने खुद बतायी बजट की खाशियत

लखनऊ। यूपी में अब तक का सबसे बड़ा बजट योगी सरकार में युवाओं और किसानों को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को पेश कर दिया गया। बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सबका ध्यान रखते हुए बजट पेश किया है। ऐसे में किसानों और युवाओं का विशेष ध्यान रखा गया है इसके साथ ही महिलाओं तथा गांवो और स्वरोजगार के अवसर को भी ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले तीन साल में 2० लाख युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार मुहैया करायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि यह यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। 2०17-18 का बजट 384659.71 करोड़ का था। 2०18-19 में 428384.52 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है। यह चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में 11.4 प्रतिशत ज्यादा है। मुख्यमंी ने कहा कि बिजली के लिए 19,883 करोड़ रुपये दिए हैं जो चालू वित्त वर्ष से 54 प्रतिशत, लोक निर्माण विभाग की सड़कों व पुलों के लिए 17,615 करोड़ दिए हैं जो 22 प्रतिशत अधिक है। सिचाई, बाढ़ नियंत्रण, जल निकासी तथा मरम्मत के लिए लंबित सिचाई परियोजनाओं के लिए 1०938 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो 54 प्रतिशत ज्यादा है।

योगी सरकार में ये है नौकरियों के अवसर
-सरकार 1.37 लाख शिक्षकों की करेगी भर्ती
– 1.62 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की योजना है।
– पहले चरण में दोनों भर्तियां चल रही हैं।
– राज्य लोक सेवा , अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जल्द ही करेगा भर्ती
-माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड भर्तियां जल्द ही शुरू करेगा।

इन्वेस्टर्स समिट में होंगे बड़े निवेश, नौकरियों के होंगे अवसर                     मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरियों के साथ रोजगार के भरपूर अवसर मिलेंगे। जिसमें इन्वेस्टर्स समिट में बड़े निवेश होंगे। इससे नौकरियों बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो नौकरी की जगह स्वरोजगार को प्राथमिकता देते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने स्टार्ट-अप के लिए 25० करोड़ व वन डिस्टि्रक्ट-वन प्रोडक्ट के लिए 25० करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इससे हर जिले में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

किसानों को राहत, बढेगी आमद
-किसानों की1 लाख हेक्टेयर सिचाई क्षमता बढ़ेगी
-मध्य सरयू नहर के दूसरे चरण और कनहर व बाणसागर परियोजना होंगी पूरी
-कृषि, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, पशुधन, डेयरी विकास व सहकारिता के लिए 84०3 करोड़ का बजट
-ग्राम्य विकास के लिए 22,11०.72 करोड़ रुपये का है बजट
-पंचायतीराज को 17,222 करोड़ रुपये मिलेंगे, यह 16 प्रतिशत अधिक है।

अब लैपटॉप नहीं स्कूल कॉलेजों में मिलेगी अच्छी शिक्षा
-सरकार ने बजट में लैपटॉप योजना को खत्‍म किया।
-सीएम योगी ने कहा कि छात्रों को अच्छी शिक्षा व अच्छा पाठ्यक्रम मिलेगा।
-बेसिक से माध्यमिक तक बेहतर पाठ्यक्रम लागू करेंगे।

निर्धन कन्याओं के विवाह के लिए 478 करोड़
सीएम योगी ने बताया कि बजट में निर्धन कन्याओं के विवाह के लिए 478 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। जिसमें सरकार ने गरीब परिवारों को बेटियों की शादी के लिए सामूहिक विवाह योजना शुरू की है। इसके लिए 25० करोड़ रुपये दिए हैं। हालांकि तमाम ऐसे भी लोग हैं जो सामूहिक विवाह में शामिल नहीं होना चाहते। श्रमिकों, एससी, एसटी, ओबीसी व अल्पसंख्यकों के लिए अलग-अलग योजनाएं भी जारी रहेंगी

एक्सप्रेस-वे पर काम में लायी जायेगी तेजी
सरकार एक साथ चार एक्सपे्रस वे पर काम में तेजी लायेगी। ताकि जनता को राहत मिल सके। ये बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 65० करोड़, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए 1००० करोड़, गोरखपुर लिक एक्सप्रेस-वे के लिए 55० करोड़ और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से जुड़े कार्यों के लिए 5०० करोड़ की बजट व्यवस्था की है।

औद्यौगिक नीतियों के लिए 14०० करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि कानपुर, आगरा मेरठ समेत जिलों में औद्योगिक नीतियों के लिए 14०० करोड़ का बजट है। इसके साथ ही कानपुर व आगरा मेरठ में मैटàो कार्य भी शुरू कराया जायेगा। इसके साथ ही वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद व झांसी की डीपीआर बनेगी। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत मंडल स्तर पर हवाई सेवाएं शुरू करने के लिए 15० करोड़ रुपये दिए हैं। जो कि अपने एक उपलब्धि है।

सीएम आफिस की हेल्पलाइन से होगा समस्याओं का समाधान
सीएम की हेल्पलाइन से अब व्यक्ति सीध्ो अपनी समस्या को रख सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन व शासन में जवाबदेही व पारदर्शिता के लिए सीएम हेल्पलाइन शुरू की जा रही है। टोल-फ्री नंबर पर लोग अपनी शिकायत पहुंचा सकेंगे। हर शिकायत तय समय सीमा में निस्तारित होगी। इसके लिए 4० करोड़ मिले हैं। एक अप्रैल से ई-ऑफिस की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके लिए 3० करोड़ दिए गए हैं।

अंत्योष्टि स्थल को प्राथमिकता
अब न कब्रिस्तान को लेकर काोई विवाद होगा न ही शमशान को लेकर। अब इनकी जगह गांवो में अंत्येष्टि स्थल के लिए 1०० करोड़ रुपये का बजट है। जिसमें सभी केे लिए काम होगा। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में अंत्येष्टि स्थल के लिए भी 1०० करोड़ रुपये दिए गए हैं।

सरकार ने गांव गरीब और किसान का रखा ध्यान-खन्ना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज विधान सभा में पेश किये गये वर्ष 2०18-19 के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इस बजट में गांव, गरीब, किसान तथा युवाओं को फोकस किया गया है। मौजूदा सरकार उद्योगों के माध्यम से नौजवानों को रोजगार देने एवं किसानों तथा गरीबों को आवास देने के लिए बजट में प्राथमिकता दी है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्मार्ट सिटी से लेकर स्वच्छ भारत अभियान तथा छोटे नगरों को मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त करने का संकल्प इस बजट में दोहराया है। बजट में समाज के सभी वर्गों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कदम उठाये हैं, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। श्री खन्ना ने कहा कि यह बजट सर्व समाज के लिए हितकारी है। उन्होंने बजट का स्वागत करते हुए यह भी कहा है कि इस कल्याणकारी बजट के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ एवं वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल बधाई के पात्र है।

   बजट के ये हैं मुख्य बिन्दू जिनको जानना है जरूरी

  •  प्रस्तुत बजट का आकार 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ 52 लाख रुपये (4,28,384.52 करोड़ रुपये) है, जो वर्ष 2017-2018 के बजट के सापेक्ष 11.4 प्रतिशत अधिक।
  •  बजट में 14 हजार 341 करोड़ 89 लाख रुपये (14,341.89 करोड़ रुपये) की नई योजनायें सम्मिलित।

                         कृषि एवं संबद्ध सेवाएं 

  •  वर्ष 2018-19 में खाद्य उत्पादन का लक्ष्य 581 लाख 60 हजार मीट्रिक टन तथा तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 11 लाख 28 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। 
  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र में खेत-तालाब योजना के अन्तर्गत आगामी  वर्ष में 05 हजार तालाबों के निर्माण का लक्ष्य है। सोलर फोटो वोल्टाइक इरीगेशन पम्पों  की स्थापना के लिये 131 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 
  • स्प्रिंकलर सिंचाई योजना’’ के अन्तर्गत किसानों को सब्सिडी हेतु 24 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • शरदकालीन  गन्ना बुवाई हेतु 01 लाख 65 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। 80 लाख कुंटल उन्नतिशील गन्ना बीज गन्ना कृषकों को उपलब्ध कराया जाएगा। 
                उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण 
  • प्रदेश में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2017 लागू की गई है। मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण मिशन के क्रियान्वयन हेतु 42 करोड़ 49 लाख रुपये की व्यवस्था।
                         सहकारिता – 
  •  उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण की योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण हेतु 31 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  •  किसानों को कम ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध कराने हेतु सब्सिडी योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                               पशुपालन – 
  •  पं0 दीन दयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के लिये 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • विकास खण्डों में पं0 दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेले के आयोजन हेतु 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य तथा रोग नियंत्रण कार्यक्रम हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  •  प्रदेश में 770 सचल पशु चिकित्सालय संचालित किये जा रहें हैं, जिससे पशु आरोग्य व नस्ल में सुधार अपेक्षित है। इसके लिये 27 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
                           दुग्ध विकास –
  • डेयरी विकास फण्ड की स्थापना के लिये 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • दुग्ध मूल्य भुगतान डी0बी0टी0 प्रक्रिया के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया आरम्भ।
  •  देशी नस्ल की गायों के माध्यम से सर्वाधिक गौ दुग्ध उत्पादन करने वाले दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने हेतु नई ’’नन्द बाबा पुरस्कार योजना’’ हेतु 52 लाख का प्राविधान साथ ही ’’गोकुल पुरस्कार’’ हेतु 54 लाख रुपये की व्यवस्था।
                             मत्स्य –
  • मछुआरों के कल्याण के लिये मत्स्य पालक कल्याण फण्ड की स्थापना हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  ब्लू रिवोल्यूशन इन्टीग्रेटेड डेवलपमेन्ट एण्ड मैनेजमेंट फार फिशरीज योजना के अन्तर्गत 20 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित।
                       ग्राम्य विकास – 
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु वर्ष 2018-19 के बजट में 11 हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत लगभग 01 हजार 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • श्यामा प्रसाद रुर्बन मिशन हेतु 214 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • वर्ष 2018-19 में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम हेतु 01 हजार 500 करोड़ रुपये और राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिये 120 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • मुख्यमंत्री आवास योजना हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                          पंचायती राज –  
  •  स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के लिये वर्ष 2018-19 में 5,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना में उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिये 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान एवं अन्य सभी मत, पंथ एवं मजहब के स्थलों  के विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                             लघु सिंचाई – 
  • निः शुल्क बोरिंग योजना के लिये 36 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                        औद्योगिक विकास – 
  • औद्योगिक निवेश नीति-2012 के लिये 600 करोड़ रुपये तथा नई औद्योगिक नीति हेतु 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  •  बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के प्रारम्भिक कार्य हेतु वर्ष 2018-19 के बजट में 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के प्रारम्भिक कार्यों हेतु बजट में 550 करोड़ रुपये की व्यवस्था। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु 01 हजार करोड़ रुपये तथा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
                  सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम 
  •  एक जनपद एक उत्पाद योजना को क्रियान्वित किये जाने हेतु 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                   हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग –
  •  उत्तर प्रदेश हैण्डलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल्स एण्ड गारमंेटिंग नीति-2017 हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • पावरलूम बुनकरों को रियायती दरों पर बिजली देने के लिये 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                   खादी एवं ग्रामोद्योग –
  • खादी एवं ग्रामोद्योग विकास तथा सतत् स्वरोजगार प्रोत्साहन नीति के क्रियान्वयन के लिये 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  पं0 दीन दयाल उपाध्याय ग्रामोद्योग रोजगार योजना के क्रियान्वन के लिये 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • पं0 दीन दयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना के लिये 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                  आईटी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स –
  • समस्त शासकीय कार्यालयों में ई-आॅफिस व्यवस्था लागू करने हेतु 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  स्टार्ट-अप फण्ड की स्थापना के लिये 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                        चिकित्सा एवं स्वास्थ्य – 
  •  पी0पी0पी0 मोड पर 170 नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किये जाने का निर्णय।
  •  ग्रामीण क्षेत्रों में 100 नये आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की स्थापना का लक्ष्य।
  •  प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के लिये 291 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
                         चिकित्सा शिक्षा 
  • प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के फेज-3 के अन्तर्गत 04 मेडिकल कालेजों यथा-झांसी, गोरखपुर, इलाहाबाद तथा मेरठ में उच्चीकृत सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाये जा रहे हैं तथा 02 मेडिकल काॅलेजों कानपुर एवं आगरा में सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाये जाने हेतु कुल 126 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी को प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित।
  • केजीएमयू में आर्गन ट्रान्सप्लान्ट यूनिट स्थापित किये जाने का लक्ष्य। 
  •  डा0 राम मनोहर लोहिया इन्स्टीयूट आॅफ मेडिकल साइंसेज के नवीन कैम्पस में 500 शैय्यायुक्त सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कालेज का निर्माण कराया जायेगा।
  •  प्रदेश के पाॅच जनपदों के जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज के रूप में पूर्ण करने के लिये 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  •  राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ग्रेटर  नोयडा में शैक्षणिक सत्र 2018-19 में एमबीबीएस की 100 सीटों पर पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जायेगा। 
  •  राजकीय मेडिकल कालेज कानपुर, गोरखपुर, आगरा और इलाहाबाद में बर्न यूनिट की स्थापना  के लिये 14 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • राजकीय मेडिकल कालेजों एवं संस्थानों में फायर फाइटिंग और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                          वन एवं पर्यावरण – 
  • जन एवं वनवासी केन्द्रित राज्य वन नीति-2017 का प्रख्यापन। 
  •  सब मिशन आॅन एग्रोफाॅरेस्ट्री योजना हेतु 20 करोड़  रुपये तथा कुकरैल वन क्षेत्र में पर्यटन एवं जैव विविधता केन्द्र की स्थापना प्रस्तावित। 
                                राजस्व – 
  • प्रदेश में भू-अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण हेतु 42 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • आम आदमी बीमा योजना हेतु 10 करोड़ रुपये, ’’प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’’ हेतु 130 करोड़ 60 लाख रुपये तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के लिये 4 करोड़ 75 लाख रुपये की व्यवस्था।
  •  प्रदेश में आपदा प्रबंधन के वित्त पोषण हेतु आपदा मोचन निधि में 777 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                         खाद्य तथा रसद – 
  •  रबी खरीद वर्ष 2018-19 में 50 लाख मीट्रिक टन गेहूॅ खरीद का कार्यकारी लक्ष्य।
  • गेहूॅ क्रय करने हेतु कुल 05 हजार 500 क्रय केन्द्र खोले जायेंगे।  
                          सड़क एवं सेतु –
  • ऽ प्रदेश में सड़कों के निर्माण कार्यों हेतु 11 हजार 343 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  • ऽ पुलों के निर्माण के लिये 1 हजार 817 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ मार्गों के नवीनीकरण, अनुरक्षण एवं मरम्मत कार्य के लिए 3 हजार 324 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  • ऽ ‘‘आर0आई0डी0एफ0’’ योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में मार्गों के नव निर्माण, चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा सेतुओं के निर्माण हेतु 920 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • ऽ विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के अन्तर्गत पूर्वांचल की विशेष परियोजनाओं हेतु 300 करोड़ रुपये तथा बुन्देलखण्ड की विशेष योजनाओं के लिये 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
  • ऽ सड़कों के अनुरक्षण हेतु राज्य सड़क निधि में 1 हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ ‘‘केन्द्रीय मार्ग निधि योजना’’ के अन्तर्गत मार्गों के निर्माण, चैड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण हेतु 2 हजार 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ राज्य राजमार्गों के चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • ऽ जिला मुख्यालयों को फोर लेन सड़कों से जोड़े जाने हेतु 1 हजार 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ शहरों के बाईपास, रिंग रोड, फ्लाईओवर के निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ ग्रामीण अंचलों में नदियों एवं बड़े नालों पर पुलों के निर्माण हेतु 
  • 1 हजार 467 करोड़ रुपये तथा रेलवे उपरिगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 350 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ ग्राम्य विकास विभाग के बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु 2018-2019 में 2 हजार 873 करोड़ की व्यवस्था।                                                                                     सिंचाई –
  • ऽ सरयू नहर परियोजना हेतु 1 हजार 614 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ अर्जुन सहायक परियोजना हेतु 741 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। 
  • ऽ मध्य गंगा नहर परियोजना हेतु 1 हजार 701 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  • ऽ कनहर सिंचाई परियोजना हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ बाण सागर परियोजना हेतु 127 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ बाढ़ एवं जल प्लावन से बचाव हेतु तटबंध निर्माण, कटाव निरोधक कार्य एवं जल निकासी की विभिन्न परियोजनाओं हेतु 1004 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
                               बिजली –
  • ऽ भारत सरकार की सौभाग्य योजना प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही है जिसके अन्तर्गत लगभग डेढ़ करोड़ परिवारों को मार्च, 2019 तक विद्युत संयोजन दिये जाने का लक्ष्य।
  • ऽ ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं हेतु वर्ष 2018-2019 में 29 हजार 883 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
                             अतिरिक्त ऊर्जा –
  • ऽ ‘‘सौर ऊर्जा नीति-2017’’ में निजी सहभागिता से 2022 तक कुल 10 हजार 700 मेगावाट क्षमता की सौर विद्युत परियोजनायें स्थापित करने का लक्ष्य।
  • ऽ निजी आवासों पर ग्रिड संयोजित रूफटाॅप सोलर पाॅवर प्लाण्ट स्थापना हेतु अनुदान योजना के लिये 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ पं0 दीन दयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना हेतु 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
              आवास एवं शहरी नियोजन विभाग –
  • ऽ दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ कारिडोर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना हेतु 250 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  • ऽ प्रदेश में मेट्रो परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  • ऽ लखनऊ सहित प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरणों के विकास क्षेत्र तथा नगर क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के नए कार्यों हेतु 300 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  • नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन –
  • ऽ कुम्भ मेला 2019 हेतु बजट में 1 हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
  • ऽ राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं हेतु राज्यांश के रूप में बजट में 240 करोड़ रुपये की बजट प्रस्तावित।
  • ऽ प्रधानमंत्री आवास योजना- सबके लिए आवास (शहरी) मिशन योजना हेतु वर्ष 2018-2019 में 2 हजार 217 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। 
  • ऽ लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद, अलीगढ़, झाँसी, मुरादाबाद, बरेली तथा सहारनपुर हेतु स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अन्तर्गत 1 हजार 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ स्वच्छ भारत मिशन हेतु 1 हजार एक सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ अमृत योजना के लिए 2 हजार 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ प्रत्येक जनपद में एक नगर पंचायत को विकसित किये जाने के उद्देश्य से पं0 दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
  • ऽ कान्हा गौ-शाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना हेतु बजट में 98 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में ‘‘मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना’’ के अन्तर्गत मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं के सृजन हेतु 426 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। 
                                   नियोजन –
  • ऽ बार्डर एरिया डेवलपमेन्ट कार्यक्रम के लिए लगभग 57 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
  • ऽ विकास कार्यों को त्वरित गति से क्रियान्वित करने हेतु त्वरित आर्थिक विकास योजना के अन्तर्गत 1 हजार एक सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
                                 बेसिक शिक्षा –
  • ऽ सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 18 हजार 167 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ कक्षा-1 से 8 तक के सभी बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं यूनीफाॅर्म हेतु बजट में क्रमशः 76 करोड़ रुपये एवं 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ मध्याह्न भोजना योजना हेतु 2 हजार 48 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। इसके अतिरिक्त छात्र तथा छात्राओं को फल वितरित किये जाने हेतु 167 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • ऽ बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर, पेयजल, बिजली, चहारदीवारी का निर्माण किये जाने हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 

                        माध्यमिक शिक्षा –

  • ऽ प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने हेतु माध्यमिक शिक्षा अभियान हेतु 480 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ पं0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माॅडल विद्यालयों के संचालन हेतु 26 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित। 

                         उच्च शिक्षा –

  • ऽ राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान हेतु 167 करोड़ रुपये एवं माॅडल महाविद्यालयों की स्थापना हेतु 37 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना हेतु 21 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना तथा पूर्व से निर्माणाधीन महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों को पूर्ण किए जाने हेतु 106 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। 
         प्राविधिक शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा –
  • ऽ रूसा योजना के अन्तर्गत जनपद गोण्डा एवं बस्ती में 
  • 2 इंजीनियरिंग काॅलेजों की स्थापना की जा रही है, जिसके लिये 14 करोड़ 52 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ जनपद कन्नौज, सोनभद्र तथा मैनपुरी में इंजीनियरिंग काॅलेजों के संचालन हेतु वित्तीय वर्ष 2018-2019 में लगभग 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • ऽ राज्य के संसाधनों से मिर्जापुर तथा प्रतापगढ़ में नये इंजीनियरिंग काॅलेज निर्माणाधीन हैं, जिसके लिये 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
                   महिला एवं बाल कल्याण –
  • ऽ महिला एवं बाल कल्याण के विभिन्न कार्यक्रमों हेतु लगभग 8 हजार 815 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ किशोरी बालिका सशक्तीकरण योजना सबला हेतु लगभग 
  • 351 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
  • ऽ पुष्टाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत समन्वित बाल विकास परियोजनाओं में पोषाहार हेतु 3 हजार 780 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • ऽ शबरी संकल्प योजना हेतु 524 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • ऽ निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत निराश्रित विधवाओं के भरण-पोषण अनुदान हेतु 1 हजार 263 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                       समाज कल्याण –
  • ऽ सामान्य वर्ग एवं अनुसूचित जातियों के कल्याण एवं विकास की योजनाओं के लिए लगभग 7 हजार 858 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
  • ऽ गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले सभी वर्गों के परिवारों की पुत्रियों की शादी हेतु मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिये 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
  • ऽ अनुसूचित जाति तथा सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों की पुत्रियों की शादी हेतु क्रमशः 121 करोड़ रुपये व 82 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2018-2019 में 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित स्वरोजगार योजनाओं हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के पात्र वृद्धजनों को वृद्धावस्था एवं किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत 2 हजार 560 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • ऽ अनुसूचित जाति के युवाओं हेतु राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के संचालन के लिये 66 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
                          पिछड़ा वर्ग कल्याण –
  • ऽ पिछड़ा वर्ग कल्याण की योजनाओं हेतु 1 हजार 705 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ पिछड़े वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
  • ऽ पिछड़े वर्ग के छात्र एवं छात्राओं के लिये शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत 551 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
                        अल्पसंख्यक कल्याण –
  • ऽ प्रदेश में अल्पसंख्यकों के विकास एवं कल्याण की योजनाओं के लिए 2 हजार 757 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ अरबी-फारसी मदरसों के आधुनिकीकरण की योजना हेतु 
  • 404 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
  • ऽ अरबिया पाठशालाओं को अनुदान हेतु लगभग 486 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ स्थायी मान्यता प्राप्त आलिया स्तर के 246 अरबी-फारसी मदरसों को अनुदान हेतु 215 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
                           दिव्यांगजन कल्याण –
  • ऽ दिव्यांग पेंशन योजना के अन्तर्गत 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ कृत्रिम अंग तथा सहायक उपकरण योजना के अन्तर्गत 33 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ कुष्ठावस्था भरण-पोषण (पेंशन) योजना के अंतर्गत 18 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ दिव्यांगजन को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा के लिए 32 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
                                 खेल –
  • ऽ एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ विभिन्न स्पोर्ट्स कालेजों तथा स्टेडियमों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लगभग 74 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • ऽ प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रेरित करने हेतु राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार हेतु 3 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
                                कारागार –
  • ऽ प्रदेश के कारागारों में सोलर एनर्जी आधारित पावर प्लाण्ट तथा समुचित प्रकाश व्यवस्था हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 

                                   न्याय –

  • ऽ युवा अधिवक्ताओं को कार्य के शुरूआती 3 वर्षों के लिए पुस्तक एवं पत्रिकाएं खरीदने हेतु आर्थिक सहायता दिये जाने के लिए 
  • 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
                                  धर्मार्थ कार्य –
  • ऽ कैलाश मानसरोवर भवन, गाजियाबाद के निर्माण के लिये 94 करोड़ 26 लाख रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ ब्रज परिक्षेत्र में तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की स्थापना की गई है तथा वहां पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। 
                               पर्यटन –
  • ऽ उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ ब्रज परिक्षेत्र में तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की स्थापना की गई है तथा वहाँ पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • ऽ राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न महोत्सवों एवं आयोजनों हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • संस्कृति –
  • ऽ गोरखपुर में आधुनिक प्रेक्षागृह के निर्माण हेतु 29 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था किया जाना प्रस्तावित।
                        सचिवालय प्रशासन –
  • ऽ विधान भवन एवं सचिवालय की आंतरिक सुरक्षा हेतु 13 करोड़ 
  • 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • राज्य वस्तु एवं सेवा कर तथा मूल्य संवर्धित कर –
  • ऽ राज्य वस्तु एवं सेवा कर तथा मूल्य संवर्धित कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 71 हजार 500 करोड़ रुपये निर्धारित।
                        आबकारी शुल्क –
  • ऽ आबकारी शुल्क से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 23 हजार करोड़ रुपये निर्धारित।
  • स्टाम्प एवं पंजीकरण –
  • ऽ स्टाम्प एवं पंजीकरण से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 18 हजार करोड़ रुपये निर्धारित।
                                   वाहन कर –
  • ऽ वाहन कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 7 हजार 400 करोड़ रुपये निर्धारित।
  • वित्तीय वर्ष 2018-2019 के बजट अनुमान 
  • प्राप्तियाँ –
  • ऽ वर्ष 2018-2019 में 4 लाख 20 हजार 899 करोड़ 46 लाख रुपये (4,20,899.46 करोड़ रुपये) की कुल प्राप्तियाँ अनुमानित।
  • ऽ कुल प्राप्तियों में 3 लाख 48 हजार 619 करोड़ 37 लाख रुपये (3,48,619.37 करोड़ रुपये) की राजस्व प्राप्तियाँ तथा 72 हजार 
  • 280 करोड़ 09 लाख रुपये (72,280.09 करोड़ रुपये) की पूँजीगत प्राप्तियाँ सम्मिलित।
  • ऽ राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 2 लाख 56 हजार 248 करोड़ 40 लाख रुपये (2,56,248.40 करोड़ रुपये) है। इसमें स्वयं का कर राजस्व 1 लाख 22 हजार 700 करोड़ रुपये (1,22,700 करोड़ रुपये) तथा केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 1 लाख 33 हजार 548 करोड़ 
  • 40 लाख रुपये (1,33,548.40 करोड़ रुपये) सम्मिलित।

                            व्यय –

  • ऽ कुल व्यय 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ 52 लाख रुपये 
  • (4,28,384.52 करोड़ रुपये) अनुमानित।
  • ऽ कुल व्यय में 3 लाख 21 हजार 520 करोड़ 27 लाख रुपये 
  • (3,21,520.27 करोड़ रुपये) राजस्व लेखे का व्यय है तथा 1 लाख 
  • 06 हजार 864 करोड़ 25 लाख रुपये (1,06,864.25 करोड़ रुपये) पूँजी लेखे का व्यय।
  • राजस्व बचत –
  • ऽ वर्ष 2018-2019 में 27 हजार 99 करोड़ 10 लाख रुपये 
  • (27,099.1

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