विधानसभा की ओर जा रहे शिक्षा मित्रों को पुलिस ने रोका

लखनऊ। अपनी मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से राजधानी के लक्ष्मण मेला मैदान में आंदोलन कर रहे शिक्षा मित्रों ने शनिवार को विधानसभा की ओर कूच किया। लेकिन मैदान के गेट से बाहर नहीं उन्हें पुलिस प्रशासन ने नहीं निकलने दिया। नाराज शिक्षा मित्रों ने इसका विरोध भी किया लेकिन पुलिस के आगे वह नहीं बढ़ सके। ऐसे में कई शिक्षा मित्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान आंदोलन कर रही बलराम पुर से आयी शिक्षा मित्र अरूषि शर्मा शनिवार को बेहोश हो गयी। इस मौके पर मौजूद एंबुलेंस ने उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया जहां उनकी स्थिति ठीक बतायी जा रही है। वहीं तीन दिनों से हड़ताल पर बैठे शिक्षा मित्रों से अभी तक सरकार को कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा है। ऐसे में शिक्षा मित्रों में और भी आक्रोश है। शिक्षा मित्रों का कहना है कि इस बार आंदोलन तभी समाप्त हो गा जब सरकार हमारी मांगो मान लेगी।
हाथ जोड़कर शिक्षा मित्रों ने गोमा मईया से की प्रार्थना
आंदोलन कर रहे शिक्षा मित्रों ने शनिवार की शाम को कैंडिल जलाकर गोमा मईया से नाम आंखों से प्रार्थना की। इस मौके सैकड़ो शिक्षा मित्रों ने कैडिंल जलायी। साथ ही सरकार की मंशा को बदलने के लिए प्रार्थना की। अपग्रेड पैराटीचर्स शिक्षा मित्र एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे शिक्षा मित्रों के साथ खड़ी अध्यक्ष उमा देवी ने कहा कि सरकार हमारी मांगो को मान ले तो ठीक होगा नहीं तो शिक्षा मित्र भुखमरी के कगार खड़े हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक हमारी मांगे नहीं मानेगी हम हड़ताल पर रहेंगे।
शिक्षा मित्रों की हैं मांगे
-सहायक अध्यापक पद पर उन्हें पुनरू समायोजित किया जाये
-38 हजार 878 रुपए मासिक वेतन दिया जाये
-मृतक शिक्षा मित्रों को मुआवजा दिया जाये, परिवार के एक सदस्य को समायोजित किया जाये।
-जो शिक्षा मित्र हमारी श्रेणी में नहीं आते हैं उन्हें उत्तराखंड की तर्ज पर टेट करने की राहत दी जाये।
-समान कार्य का समान वेतना दिया जाये।

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