भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव व अवसाद का लोग हो रहे शिकार-प्रो.संजय

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लखनऊ। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग तनाव और अवसाद का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में तनाव से खुद को बाहर निकालना बेहद आवश्यक है। यह कार्य योग के जरिये किया जा सकता है। ये बात बाबा साहेब केन्द्री विश्वविद्यालय बीबीएयू के कुलपति प्रो. संजय सिंह ने कही। प्रो. सिंह विश्वविद्यालय में शुरू हुई दो दिवासीय योग कार्यशाला में अपना व्याखान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि योग को भारत समेत पूरे विश्व भर में प्रचलित करने वाले गुरु आचार्य नागेंद्र आज स्वयं हमारे बीच उपस्थित है। डॉक्टर नागेंद्र का नासा से व्यासा तक का एक कामयाब सफर रहा है। नासा में उन्होंने अपने ज्ञान विज्ञान के द्वारा समाज की सेवा की और उसके बाद योग के क्षेत्र में अपने विज्ञान के विशेष ज्ञान का उपयोग कर योग को तर्कपूर्ण तरीके से समझा और पूरे विश्व को समझाया। विश्व भर में योग को पहुंचाने और प्रचलित करने में आपका विशेष योगदान रहा है। स्वस्थ समाज से स्वस्थ राष्ट की कल्पना संभव है इसीलिए स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बाबासाहेब के आदर्शों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं और शिक्षा के साथ समाज कल्याण का कार्य भी विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग से किया जा रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि विश्वविद्यालय को आप सभी का सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त होगा। विवि ने गांव भी गोद लिए हैं जिसमें समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम किए जाते हैं। गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से संबंधित सुविधा और जागरूकता पहुचाने के लिए हमारा विश्वविद्यालय प्रयासरत है ।
जब तनावमुक्त होते हैं तो कैसा होता है जीवन
इस मौके पर उपस्थित डा.एच. आर नागेंद्र ने कहा कि हमें इस बारे में विचार करना चाहिए जब हम तनाव मुक्त होते हैं तो जीवन कैसा होता है। हम अच्छी नींद लेते हैं, पूरी कुशलता से काम करते हैं, हमारा स्वास्थ्य बेहतर रहता है। मगर एक स्वस्थ जीवन में सबसे बड़ी चुनौती है प्रदूषण और दूसरी बड़ी चुनौती है तनाव। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, जंगलों का नष्ट होना जैसी भौतिक समस्याओं को हम नियम कानून बनाकर नियंत्रित कर सकते हैं मगर तनाव एक मानसिक और भावनात्मक समस्या है। आज तनाव की वजह से विद्यार्थियों में धूम्रपान, अवसाद, ड्रग्स, पारिवारिक तनाव, विवाह विच्छेद, सिंगल पैरेंटिंग जैसी कई सारी समस्याएं उत्पन्न हो गई है। 
Depression Solutions
बीबीएयू में जल्द शुरू होगा संस्कृत और बुद्घिष्टï स्टडी विभाग
कार्यशाला के अध्यक्ष प्रोफेसर रिपुसूदन सिंह ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय ने योग, संस्कृत और बुद्धिष्ट स्टडी विभाग शुरू करने का प्रस्ताव यू जी सी के समक्ष रखा है और इस दिशा में विश्वविद्यालय प्रयासरत है। क्योंकि मानव कल्याण का एकमात्र मार्ग योग है। योग का मतलब है जोडऩा, और योग के जरिए ही समाज के लोग एक मंच पर आकर बैठ सकते हैं और बौद्धिक चर्चा कर सकते हैं ।

योग के जरिए हम पा सकते हैं मन पर नियंत्रण
डॉ महेंद्र सिंह ने कहा कि योग प्रकृति के कण-कण में व्याप्त है, जो अपने आप में संपूर्ण जीवन समाहित करता है । योगगुरु डॉ नागेंद्र के प्रयासों ने योग को आज पूरे विश्व तक पहुंचाया है। योग के जरिये हम अपने मन पर नियंत्रण पा सकते हैं। हम शरीर से 24 घंटे काम लेते हैं। इस को स्वस्थ रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए हमें दिन का एक घंटा अपने शरीर को देना चाहिए ताकि इसको हम स्वस्थ बना सकें।
जब हम साधना करते हैं तभी साधक बनते हैं

वहीं रमापति शास्त्री ने कहा हम जब साधना करते हैं तो साधक बनते हैं और साधना खत्म करते-करते हम एक संत और फिर महर्षि बन जाते हैं। हमारे बीच डॉ नागेंद्र आज इसका जीता जागता उदाहरण हैं। योग के द्वारा तनाव मुक्त होना एक बहुत बड़ी बात है। कठिनाइयों के समय में खुद को शांत रखना, उसका तनाव खुद पर न पडऩे देना, योग के माध्यम से ही संभव है। डॉक्टर नागेंद्र के प्रयासों से आज योग का ज्ञान विश्व भर में लोगों तक पहुंच रहा है लोगों में जागरूकता आ रही है।

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