अपने वेतन से शिक्षक ने सरकारी स्कूल को बना दिया मॉडल स्कूल

  -सीतापुर रामपुर मथुरा ब्लाक प्राथमिक विद्यालय मेहरोली बना मॉडल स्कूल जैसा 
लखनऊ। प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित अधिकांश प्राइमरी और जूनियर विद्यालय भले ही मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं लेकिन शिक्षक और प्रधानाचार्य चाह ले तो क्या नही हो सकता है। कुछ ऐसी मिसाल पेश की है लखनऊ मंडल में आने वाले सीतापुर के रामपुर मथुरा ब्लाक मेहरौली प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य आशुतोष पाण्डेय ने। ARnewstimes.in इन से बातचीत के दौरान आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि विद्यालय के सुंदरीकरण के लिए न तो कोई बजट मिल न ही कोई अनुदान फिर भी विद्यालय को एक मॉडल स्कूल जैसा बनाने का प्रयास किया है। उन्होने बताया कि आगे भी इस विद्यालय के लिए हमारी ओर से जो भी हो सकेगा प्रयास जारी रहेगा। विद्यालय में अंदर प्रवेश करने पर पता चलता है मानो किसी कान्वेंट स्कूल में आ गये हैं। अशुतोष पाण्डेय बताते हैं इस विद्यालय में उनकी दो साल पहले नियुक्ति हुई थी। जब वह विद्यालय आये थे तो विद्यालय इतनी जर्जर स्थिति में था। ऐसा लग रहा था कि कई सालों से रंगाई पुताई भी नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में बच्चे भी पढ़ना पंसद नही करते थे ।

बिजली के साथ पंखों की व्यवस्था की
प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय में बिजली कनेक्शन से लेकर पंखो की व्यवस्था खुद से ही की। उन्होंने बताया कि प्रकाश के लिए सभी कक्षाओं में बल्ब लगवाये। इसके लिए कोई बजट नहीं था खुद के पैसों से व्यवस्था की। बिजली आने से बच्चों को पढ़ने में भी आसानी होती है।

बच्चों के भोजन बनने के लिए साफ सुथरी रसोई
प्रधानाचार्य  ने बताया कि रसोई की स्थिति भी ठीक नहीं थी। खुद के बजट से ही रसोई को सुधारा गया। साथ ही मेन्यू भी सामने लगाया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों को शुद्ध भोजन प्राप्त हो सके इसके लिए वह स्वयं निगरानी रखते हैं। उन्होंने बताया कि साम्रगी की यदि कमी भी हो जाये तो मेन्यू से हटकर भोजन नहीं बनाने दिया जाता था। उसके लिए भी व्यवस्था की जाती है।

कलरफुल के लिए खर्च के दिए 6० हजार
आशुतोष बताते हैं कि विद्यालय को पूरा कलर फुल करने के लिए करीब 6० हजार रुपए वेतन से खर्च कर दिये। जिसमें सभी क्लासों में टीएलएम भी बनवाये गये। गौतम बुद्ध से लेकर सरंस्वती माँ की तस्वीर को भी विद्यालयों की दीवार पर उभारा गया। उन्होंने बताया कि लखनऊ से पेंटरों ने इसमें काफी सहयोग किया।
 61 बच्चे ग्रहण करते हैं शिक्षा
विद्यालय में कुल 61 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। बच्चों को किसी प्रकार की दिक्कत न होने इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाता है। आशुतोष ने बताया कि कभी-कभी स्टेशनरी से संबधित बच्चों को कोई दिक्कत होती है उसे भी पूरा किया जाता है।
शिक्षकों के सहयोग से लगायी हरियाली
अशुतोष ने बताया कि अपने स्टाफ के बारे में भी बताया कि स्टाफ का भी पूरा सहयोग रहता है। स्टाफ के सहयोग से विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। जिससे पूरे विद्यालय में हरियाली दिखायी पड़ती है। काफी संख्या में फूल के भी पौध्ो लगाये गये हैं।
पीटी के साथ होती है योगा क्लास
विद्यालय में नियमित प्रार्थना के साथ पीटी भी करायी जाती है। आशुतोष ने बताया कि योगा क्लास भी नियमित चलायी जाती है। इसमें बच्चों को प्रशिक्षण देकर योगा करने की प्रेरण दी जाती है। बच्चों को ये योगा का महात्व भी बताया जाता है।

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