शिक्षक दिवस पर राज्यपाल की मौजूदगी में एसएसबी आईजी और जवानों के साथ लखनऊ डीएम ने किया रक्तदान

लखनऊ। शिक्षक दिवस के अवसर पर इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान (Indira Gandhi Foundation) में मेगा रक्तदान शिविर (blood donation camp) का शुभारम्भ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandi Ben Patel) किया। इस मौके पर राज्यपाल ने शिविर में रक्तदान के लिए लगाए गए बेड्स का निरिक्षण किया और रक्तदान करने वाले स्वैच्छिक रक्त दाताओं से भेंट की। रक्तदान करने में एसएसबी (SSB) सीमांत मुख्यालय लखनऊ (Frontier Headquarters Lucknow) के महानिरीक्षक रत्न संजय, के साथ एसएसबी उप महानिरीक्षक अभिषेक पाठक, उप महानिरीक्षक डीके सिन्हा, द्वितीय कमान अधिकारी योगेश सिंह के साथ, एसएसबी के 70 जवानों और परिवार के सदस्यों ने भी रक्तदान किया।

रक्तदान करने में मुख्य आरक्षी अखिलेश प्रताप सिंह 54वीं वाहिनी असम में तैनात उनकी पत्नी शालू सिंह, 9वीं बटालियन के सहायक निरीक्षक राजदेव जो कि बलरामपुर में तैनात उनके पुत्र अजीत कुमार यादव, सामान्य आरक्षी रिंकू जायसवाल, ओम प्रकाश जायसवाल, रक्तदान में भाग लिया।

आईजी और डीएम ने एक ​साथ किया रक्तदान

राज्यपाल की मौजूदगी में लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश और एसएसबी सीमांत मुख्यालय लखनऊ के आईजी रत्न संजय ने साथ रक्तदान किया। इस दौरान अन्य अधिकारी भी शामिल थे।

रक्तदान महादान, राज्यपाल ने किया जागरूक

इस अवसर पर समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि रक्तदान एक महान कार्य है, इसलिए रक्तदान में संकोच न करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी की रक्त की कमी से मृत्यु न हो इसलिए लोगो के रक्तदान के प्रति जागरूक करना और ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में स्वैच्छिक संगठनों को बड़ी संख्या में आगे आकर जागरूकता लाने और रक्तदान शिविरों में लोगों की प्रतिभाागिता बढ़ाने की आवश्यकता है

यूपी बड़ा राज्य है इसलिए ब्लड बैंक होना जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ी आबादी वाला प्रदेश है, ऐसे में ब्लड बैंक की आवश्यकता के दृष्टिगत उच्च शिक्षण संस्थानों के 18 वर्ष से ऊपर के विद्यार्थियों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा सकता है। राज्यपाल जी ने रक्तदान के साथ-साथ मृत्योपरांत अंगदान और शरीरदान को भी सामाजिक तौर पर सहज स्वीकार्य बनाने और जनहित में इसे बढ़ावा देने को कहा।

रक्तदान करने से नहीं आती कमजोरी
समारोह में के.जी.एम.यू. ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ तूलिका चंद्रा ने बताया कि रक्तदान करने से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती, न ही कोई नुकसान होता है। डर, संकोच और झिझक के कारण ही अधिकांश लोग रक्तदान करने से बचते हैं। लेकिन ये सब भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति एक बार रक्तदान करने के तीन माह उपरान्त पुनः रक्तदान कर सकता है।

राज्यपाल की प्रेरणा हुआ रक्तदान
इस अवसर पर जिलाधिकारी लखनऊ, अभिषेक प्रकाश ने रक्तदान शिविर के शुभारम्भ के लिए राज्यपाल जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज शिक्षक दिवस है और राज्यपाल महोदया भी पूर्व में शिक्षक रही हैं, इसलिए उनकी प्रेरणा से ही इस शिविर का आयोजन किया गया है। उन्होंने राज्यपाल जी द्वारा दिए गए सुझावों को शीघ्र अमल में लाने और रक्तदान शिविर के आयोजन को बढ़ावा देने के लिए कहा।

Posted By- Ravi Gupta

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