कुशीनगर-स्कूली वैन और ट्रेन की भिंडत में 13 बच्चों की मौत, सीएम मौके पर पहुंचे तो लोगों ने जताया आक्रोश

कुशीनगर, लखनऊ। जनपद कुशीनगर में एक स्कूली वैन ट्रेन से टकरा गयी जिसमें सवार 13 बच्चों की मौत हो गयी। वहीं स्कूल वैन चालक की इलाज के दौरान मौत हो गयी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गये। ट्रेन में फंसी हुई वैन करीब 100 मीटर से अधिक दूरी तक घिसटती रही। कुशीनगर दुदही बाजार के पास बहरपुरवा मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर हुए इस हादसे की खबर जिसने भी सुना वह सन्न रह गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना का जायजा लिया। वहीं मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भी सीएम योगी को देखकर फूट पड़ा। सीएम योगी खिलाफ हजारों ग्रामवासियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी भी की।

सीएम ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
घटना को देखकर दुखी सीएम योगी ने गांव वालों को आश्वस्त किया कि पूरी घटना की जांच निष्पक्षता से करायी जायेगी। जो भी दोषी होंगे उनको बख्शा नहीं जायेगा। सीएम ने इस मामले की जांच गोरखपुर के कमिश्नर अनिल कुमार को सौंप दी है।

पीडि़तों को दो-दो लाख मुवाअजे का ऐलान
घटना का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार की ओर से मृतक बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए आर्थिक सहायता के रूप में दिए जायेंगे। उन्होंने ये भी आश्वासन दिया कि घटना में जो भी दोषी मिलेंगे उनको बख्शा नहीं जायेगा।

रेल मंत्री से भी सीएम योगी ने की सिफारिश
इस मामले में रेलमंत्री से भी सीएम योगी ने सिफारिश की है। ताकि रेलवे की ओर से भी इन बच्चों के परिजनों को कुछ आर्थिक सहायता मिल जाये। इस बात की जानकारी सीएम योगी ने खुद मीडिया को दी है। उन्होंने बताया कि मानवराहित रेलवे समपार फाटकों को मानवयुक्त करने के लिए भी सिफारिश की गयी है।

पूरे प्रदेश में चलेगा अभियान, अनफिट वाहनों लगेगा प्रतिबंध
सीएम योगी ने कहा कि पूरे प्रदेश भर में जितने भी स्कूली वाहन चल रहे हैं उनके खिलाफ अभियान चलाकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी। जो भी चेकिंग में वाहन अनफिट पाये जायेंगे उनको हटाया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्कूली वाहन तय मानकों के आधार पर ही चले इसके लिए सख्ती की जायेगी। लापरवाही से समझौता नहीं किया जायेगा।

18 बच्चों को ले जा रही थी वैन, ऐसे हुआ हादसा
दरअसल जनपद कुशीनगर के दुदही बाजार में डिवाइन मिशन स्कूल संचालित होता है। यहां पढऩे वाले बच्चे रोजाना वैन में बैठकर आते हैं। रोजाना की तरह से गुरुवार की सुबह भी वैन में 18 बच्चों को बैठाकर ड्राइवर स्कूल ले जा रहा था। वैन जब बहपुरवा मानवरहित क्रासिंग के पास पहुंची तभी सीवान से गोरखपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन 55075 आ गई। ट्रेन स्पीड में थी बताया जा रहा था वैन का ड्राइवर कान में ईयर फोन लगाये था वह ट्रेन का हॉर्न सुन पाया की नहीं, बस सीधे ट्रेन से जा टकराया। स्थानीय लोगों के मुताबिक वैन ट्रेन के इंजन से टकराई फिर काफी दूर तक घिसटती रही फिर ट्रैक किनारे गडढे में पलट गई।

पुलिस से पहले बचाव में जुटे स्थानीय लोग
रेलवे लाइन पर बड़ा हादसा देखकर बड़ा हादसा देख आसपास के लोग वहां पहुंचे और बचाव जुट गए। थोड़ी देर में पुलिस भी आ गई, पुलिस ने वैन में फंसे जब तक के लोगों को निकाला तब तक 13 बच्चों की मौत हो चुकी थी। पांच अन्य व ड्राइवर की हालत गंभीर बतायी जा रही है। आनन.फानन में घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर किया गया रेफर
पुलिस सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन बाद में सीएम के निर्देश पर इन्हे गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया। इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक घायलों की हालत ज्यादा खराब है,्र वहीं ड्राइवर की भी हालत काफी खराब बतायी जारही है। डीएम विजयेंद्र पांडियन और एसएसपी शलभ माथुर भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। घायलों के इलाज की जानकारी ली। चिकित्सकों के मुताबिक कुछ विद्यार्थियों की हालत बेहद गंभीर है।

बाजार बंद, रेलवे ट्रैक जाम
नाराज लोगों ने दुदही बाजार को बंद करवा दिया। इस दौरान लोगों ने रेलवे ट्रैक भी जाम भी कर दिया इसके चलते आवागमन भी प्रभावित हो गया। स्थानीय लोगों की मांग है कि बहपुरवा रेलवे ट्रैक के पास मानवसहित क्रासिंग बनाई जाए। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और विद्यार्थी आते.जाते हैं। ऐसे में दोबारा ऐसी कोई घटना न हो इसके लिए रेलवे और सरकार दोनो को ध्यान देना चाहिए।

बच्चे चिल्लाते रहे, चालक ने लगा रखा था ईयरफोन
ट्रेन से टकराने वाली वैन में सवार रहे और बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाए गए घायल छात्र कृष्णा ने मीडिया के सामने बताया कि ट्रेन जब आ रही थी वैन में सवार बच्चों ने चालक से रुकने के लिए बोला था। लेकिन चालक ने कान में ईयर फोन लगा रखा था उसने किसी की बात को सुना ही नहीं। उस समय बताया जा रहा है कि ट्रेन काफी तेज गति से आ रही थी। यह सभी बच्चों ने देखा भी था।

बिना पंजीकरण को चार साल से चल रही थी वैन
कुशीनगर में बच्चों की जान से किस तरह से खिलवाड़ होता है इसका ताजा उदाहरण गुरुवार को सबके सामने आ गया। छात्रों को जो वैन लेकर जा रही थी उसका पंजीकरण ही नही था और पिछले चार सालों से वह फर्राटा भर रही थी। हैरानी की बात ये है कि बिना नंबर के संचालित हो रही वैन आरटीओ के किसी भी अधिकारी को नहीं दिखी और पुलिस भी सोती रही।

क्षमता दस की सवार थे ड्राइवर समेत 19
ट्रेन से टकराने वाली स्कूली वैन में बैठने की जगह महज दस लोगों की थी लेकिन इसमें कुल 19 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि ओवरलोडिंग की वजह से वैन का संतुलन बिगड़ा और जल्दी से ट्रैक पार न कर सकी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वैन का अगला पहिया ट्रैक के बाहर था लेकिन पिछला हिस्सा ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की स्पीड ज्यादा थी इस कारण वैन कुछ दूर साथ घिसटी फिर उछलकर दूर जा गिरी।

ग्राम प्रधान के तीन बच्चों की मौत
इस हादसे में कई परिवारों के घरों का चिराग बुझ गया। इसी वैन से मिश्रोली ग्राम पंचायत की महिला ग्राम प्रधान किरन देवी के तीन बच्चे जा रहे थे। प्रधान के पति अमरजीत ने दो बेटे और एक बेटी को वैन पर बैठाया और कुछ ही देर में मनहूस खबर आ गई। इस हादसे में अमरजीत के तीन बच्चों की मौत हुई है।

इन बच्चों की हुई मौत
संतोष रवि और रागिनी 7 सभी पुत्र और पुत्री अमरजीत निवासी मिश्रोली
कमरूल 10 और गोलू 8 पुत्र हैदर अली निवासी पडरौन मड़ुरही
साजिदा 11 और तमन्ना 10 पुत्री हसन निवासी बतरौली
मिराज 8 और मुस्कान 7 पुत्र मैनुद्दीन मयहिहरवा
अतिउल्लाह 8 पुत्र नौशाद निवासी कोकिला पट्टी
मोहम्मद अरशद 9 पुत्र जहीर मयहिहरवा
अनस नरोड़ 8 पुत्र नजीर मयहिहरवा
हरिओम 8 पुत्र अंबर सिंह निवासी बतरौली

ये हैं घायल
कृष्णा 9, रोशनी शर्मा 10, कलीम 7 और ताहिन 8 , समर 7, और ड्राइवर 25

सीएम योगी ने जताया दुख
इस हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन को राहत व बचाव कार्य में जुटने का निर्देश दिया है। सीएम ने मृतकों और घायल बच्चों के परिजनों दो-दो लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा की है। साथ ही गोरखपुर के कमिश्नर को इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं।

राष्ट्रपति ने जताया दुख
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस हादसे पर दु:ख जताया। उन्होंने ट्वीट किया कि, इस हादसे की जानकारी से दुख में हूं। मृतकों के परिजनों के साथ मेरी संवेदना है।

रेल मंत्री ने जताया दुख
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस हादसे पर ट्वीट कर दु:ख जताया। उन्होंने लिखा, कुशीनगर में हुए हादसे में स्कूली बच्चों की मृत्यु का दु:खद समाचार मिला। मैंने सीनियर अधिकारियों द्वारा हादसे की इन्क्वायरी के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को रेलवे की ओर से दो लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। ये उप्र सरकार द्वारा दी जा रही दो लाख की राशि के अतिरिक्त होगी।

पूर्व सीएम ने अखिलेश ने जताया दुख
वहीं, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी दु:ख जताते हुए कहा कि बच्चों की हादसे में मौत से मन बहुत दुखी है।

एडीजी लॉ एंड आर्डर आनंद कुमार ने कहा
वहीं एडीजी (लॉ एण्ड ऑर्डर) आनंद कुमार के मुताबिक कुल 18 बच्चे वैन में जा रहे थे, जिनमें 11 बच्चों की मौत हो गई है और सात बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि मरने वालों छात्रों की संख्या बढ़ सकती है।

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