जींस, बनियान और ब्रा में डिवाइस लगाकर कराते थे नक़ल, एसटीएफ ने दबोचा

उच्च न्यायालय की प्रतियोगी परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का सरगना भी गिरफ्तार
लखनऊ। उच्च न्यायालय इलाहाबाद समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सरगना को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया है। इस बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में रविशंकर तिवारी पुत्र लल्लन तिवारी गिरोह का सरगना है। बाकी अन्य दो जयकेश मिश्र पुत्र जय प्रकाश मिश्र और अच्युतानन्द पाण्डेय पुत्र हर्ष कुमार पाण्डेय हैं। इनके पास से एक कार फोर्ड फिगो सात इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगी बनियान जींस दो इलेक्ट्रानिक डिवाइस लगी ब्रा लेडीज, 6 ब्लूटूथ डिवाइस तीन मोबाइल फोन, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, तथा कई श्ौक्षिक प्रमाण पत्र इसके आलवा अलग-अलग राशि के चेक के साथ आठ हजार रुपये की नगदी भी बरामद हुई है। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि जींस, बनियान और ब्रा में चिप लगाकर नकल का ख्ोल करते थ्ो। उन्होंने बताया कि इस मामले में 11 नवम्बर को भी चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जिनसे पूछताछ के बाद सरगना के बारे में जानकारी मिली थी। ये इलाहाबाद की ग्रुप सी एवं डी परीक्षा में सेंध लगाकर लाभार्थियों को अनुचित तरीके से भर्ती कराने का झांसा देकर मोटी रकम एेंठ लेते थ्ो। उन्होंने बताया कि जानकारी यह भी मिली थी कि लखनऊ में विभिन्न स्थानो पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा में धॉधली करने वाला एक गिरोह सक्रिय है, जिसके द्बारा अभ्यर्थियो ं से अवैध वसूली करके इस परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाकर तथा इलैक्ट्रोनिक डिवाइस के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण कराने का कार्य किया जायेगा। मिली सूचनाओं को सत्यापित करने पर पता चला कि कि इस परीक्षा की द्बितीय पारी में इसी प्रकार धोखाधड़ी करने के लिए इस गिरोह के कुछ सदस्य कानपुर रोड पर पिकेडली होटल के पास थाना कृष्णानगर क्षेत्र में एकत्रित होंगे इस सूचना पर एसटीएफ ने वहां पहुॅचकर अपनी उपस्थिति छिपाते हुए घेराबन्दी की वहॉं मौजूद इस गिरोह सभी लोग गिरफ्तार कर लिये गये।
तीन वर्षों से परीक्षाओं में पूरा गिरोह लगा रहा था सेंध
गिरफ्तार सरगना रविशंकर तिवारी और उसके साथियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह पिछले तीन सालों से इस ख्ोल से जुड़े हुए हैं। जिसमें वह कई परीक्षाओ में महिलाओं का भी सहारा ले चुके हैं।
एक व्यक्ति से दो से तीन लाख लिए जाते थे ।
परीक्षा में पास कराने के नाम पर इस गिरोह की ओर से पहले भोले भाले लोगों को फंसाया जाता था बाद में उनसे दो से तीन लाख रुपए वसूल किए जाते थे ।

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