आईएसडी काल में करते थे खेल सुरक्षा एंजेसी भी नहीं कर पा रही थी मॉनीटिरिंग

-क़ृष्णानगर पुलिस ने किया गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय फोन काल्स अवैध एक्सचेंजों के विषय में खुफिया एंजेसियों से मिले इनपुट के आधार पर कृष्णनगर पुलिस ने दो अभियुक्तों को अवैध एक्सचेंज चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पकड़े गये दोनो अभियुक्त नूर मोम्मद पुत्र समसुद्दीन असर्फी निवासी जफर कलोनी गोरखपुर, मनोज कुमार गुप्ता पुत्र शिवसागर गुप्ता निवासी बुजुर्ग सेला भटोलिया गोरखपुर के हैं। इनके बारे में एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि क्ष्ोत्राधिकारी कृष्णानगर लाला प्रताप सिंह थाना प्रभारी अंजनी कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में इन दोनो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से काफी संख्या में पासपोर्ट, सिम कार्डस, ल्ौपटॉप, डाटा केविल बरामद हुई है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि हम लोग विदेश से आने वाली फोन कॉल को इंटरनेट के माध्यम से लोकल काल में कनवर्ट कर देते थ्ो। जिससे फोन कॉल नेशनल गेटवे के माध्यम से नहीं आती है और विदेशी कॉलों की मॉनीटिरिंग करना संभव नहीं हो पाता है। अभियुक्तों ने बताया कि हम लोगों ने एक्सचेंज का एक सेटअप हजरतंगज तेज कुमार प्लाजा, और दूसरा मकबूल गंज कैसरबाग थाना क्ष्ोत्र में लगाया था। इनके बताये पते के अधार पर एक्सचेंज से संबधित तीन सिम बॉक्स बरामद हुए हैं।
अवैध एक्सचेंज के माध्यम से इस तरह होती है आईएसडी कॉल
अवैध एक्सचेंज के माध्यम से आ रही अंतर्राष्ट्रीय कॉल्स नेशनल गेटवे से न आकर इंटरनेट के माध्यम से सिम बॉक्स पर आती हैं। और राउटर से लोकल कॉल में कन्वर्ट होकर रिसीव करने वाले व्यक्ति के मोबाइल में पहुंचती हैं। गेटवे के माध्यम से कॉल न आने से देश की सुरक्षा एंजेसियां इन कॉलों की मानीटिरिंग कर पाना संभव नहीं हो पाता। और कॉल रिसीव करने वाली टेलीकॉम कंपनी को रेवन्यू नहीं मिल पाता और उस पर भारत सरकार को मिलने वाले टैक्स की भी चपत लगती है। इन अवैध एक्सचेंजों का इस्तेमाल हवाल का कारोबार करने वाले और आंतक संगठन अधिकांश करते हैं।

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