सर्दियों में बीमारी से बचना हो तो इन उपयों का जरूर रखे ध्यान

Local Desk। अन्य मौसम की तुलना में सर्दियों में शरीर काफी नाजुक हो जाता है । जिस कारण बीमारियां भी जल्दी शरीर को अपना घर बना लेती हैं। मौसम में बदलाव के कारण सबसे तेजी से फैलने वाली बिमारियों में जुकाम और खांसी सबसे आम हैं। ऐसे में इससे कैसे बचा जाये इस बात का बहुत ध्यान रखने की जरूरत है। 

जुकाम को न समझे साधारण बीमारी
सर्दियों के मौसम में जुकाम होना आम बात है लेकिन इसे साधारण समझना ठीक नहीं है। जुकाम होने के बाद सिर्फ के एक हिस्से में तेज दर्द, नाक का बंद होना, गले में दर्द, हल्का बुखार और शरीर का टूटना जुकाम के सामान्य लक्षण हैं। ऐसे में कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम खाने से जुकाम और भी ज्यादा बढ़ सकता हैं। काली मिर्च, तुलसी, अदरक और शहद से बना काढ़ा पीएं काफी आराम मिलेगा। साथ ही हफ्तेभर तक अंग्रेजी दवाई लेने से बचें।

वायरल बुखार
सर्दियों के मौसम में वायरल बुखार भी हो जाता है। ये रोग बडों को समान रूप से भी प्रभावित करता है। वायरल में संक्रमण की स्थिति कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक रह सकती है। वायरल होने के बाद भी खाना पीना नहीं छोडना चाहिए। क्योंकि इससे बीमारी और बढ जाती है। पानी भी खूब पीना चाहिए। पानी की कमी होने से दिक्कत हो सकती।

गले में खराश और बोलने दिक्कत होना
सर्दियों की बीमारी में गले की दिक्कत बढ जाती है। यह समस्‍या तब ज्‍यादा गंभीर हो जाती है, जब आपको खाना खाने, पानी पीने और थूक निगलने में भी तकलीफ होती है। गले में खराश के दौरान शहद वाली चाय पीने से दर्द में राहत मिलती है। साथ ही काली मिर्च, तुलसी व लौंग से बनी चाय पीने से गले में खराश की समस्या में आराम मिलता है। इसके अलावा आप डॉक्टर की भी सलाह ले सकते है।

सर्दी से खांसी का भी होता है खतरा
सर्दियों में अचानक खांसी आ जाये तो कोई बडी बात नहीं है। इस तरह से आने वाली खांसी परेशान करती है। ऐसे में आप हल्की फुल्की तो दवा अपने आप ले सकते हैं। लेकिन फिर भी नहीं ठीक होता है तो डाॅक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अक्सर धूल मिट्टी की चपेट में आने से भी खांसी बढ जाती है। इस समस्‍या से निपटने का सबसे अच्‍छा तरीका है कि कभी भी होने वाले इस खांसी के हमले के लिए आप खुद को तैयार करें। खांसी और एलर्जी की दवा और इनहेलर मौजूद होने पर आप इस हमले से बेहतर तरीके से लड़ पायेंगे। खांसी का दौरा पड़ने पर खांसी की दवा को धीरे-धीरे चूसें। साथ ही खूब पानी भी पीएं।

इस तरह से बचे निमोनियां से
सर्दी से बहुत लोगों को निमोनियां की भी शिकायत हो जाती है। ये वह बीमारी होती है जो बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से फेफड़ों में होने वाले संक्रमण के कारण होती है। साथ ही तरल पदार्थ जमा करके ब्‍लड और ऑक्सीजन के बहाव में रुकावट पैदा करता है। इससे बचाव के लिए पौष्टिक आहार लें और अपने पर्यावरण की स्वच्छ रखें, रात में ज्यादा ठंड होने पर कमरे को गर्म रखने का उपाय करें और डॉक्टर से सलाह ले।

प्रस्तुति अमृता वर्मा

 

 

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