पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी पर पूर्व वित्तमंत्री चिंदबरम ने की थी मेहरबानी-रविशंकर

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नई दिल्ली न्यूज डेस्क। देश में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला सामने आने के बाद एक से बढ़कर एक आरोप सामने आ रहे हैं। भाजपा ने बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम पर दरियादिली का आरोप लगा है। केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार जाने के कुछ घंटे पहले तत्कालीन 8०-2० स्वर्ण आयात योजना के तहत सात निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। इनमें नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि ज्वैलर्स शामिल थी। इस फैसले पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूछा है कि चिदंबरम ने ऐसा क्यों किया था? दरअसल पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने अभी से 2०19 की तैयारियां शुरू कर दी है ऐसे में एक दूसरे पर आरोपों की बौछार भी शुरू हो चुकी है। उधर पी चिंदबरम के बेटे से सीबीआई की पूछताछ जारी है।

कानून मंत्री ने कांग्रेस को इन आरोपों को भी याद दिलाया
-सोमवार को कानूनमंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद में पीनएबी घोटाले का मुद्दा उठाया था
-उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि 2०13 के अगस्त में चिदंबरम ने 8०-2० योजना लागू की थी।
-इस योजना में केवल एमएमटीसी और पीएसयू को सोना आयात करने का अधिकार दिया गया था।
-16 मई, 2०14 को जिस दिन लोकसभा चुनाव हारने से पहले चिदंबरम ने सात निजी कंपनियों को छूट दे दी।
– इनमें चोकसी की कंपनी गीतांजलि भी शामिल थी।

राहुल गांधी को भी देना चाहिए जवाब
कानूनमंत्री ने कहा कि किसके इशारे पर क्यो फायदा पहुंचाया गया इसका जवाब राहुल गांधी को भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका जिक्र कैग रिपोर्ट में भी है। जाहिर है कि कार्ति की बेगुनाही की बात कर रहे चिदंबरम को अब खुद को पाक-साफ साबित करना होगा। रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस भ्रम और भय फैलाकर सरकार को बदनाम करना चाहती है।

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