यूपी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास से बढ़ेगा रोजगार, प्रदेश सरकार की रंग लायी कोशिश, केन्द्र ने दिया अप्रूवल

लखनऊ। प्रदेश सरकार की कोशिश से केन्द्र सरकार ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास के लिए अप्रूवल दे दिया है। आने वाले समय में प्रदेश में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में बड़ी मात्रा में रोजग़ार के मौके उत्पन्न होंगे। इस दिशा में अहम फैसले लेते हुए केंद्र सरकार ने सोमवार को गौतम बुद्ध नगर में जेवर के निकट नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास के लिए औपचारिक रूप से इन प्रिंसिपल अप्रूवल दे दिया। राज्य सरकार के इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की दिल्ली में आयोजित स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया। इस बैठक में राज्य सरकार की ओर से एस पी गोयल प्रमुख सचिव नागरिक उड्डयन डॉ प्रभात कुमार चेयरमैन डॉ अरुण, वीर सिंह सीईओ तथा शैलेंद्र भाटिया,  ओएसडी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण शामिल थे।
गौरतलब है की एयरपोर्ट पर एयर ऑपरेशन के साथ.साथ एमआरओए कार्गो तथा एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग और पायलट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट समेत कई एविएशन रिलेटेड कमर्शियल गतिविधियां प्रारंभ होने से युवाओं को उत्कृष्ट रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सीएम योगी के निर्देशानुसार  राज्य सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की ओर से केंद्रीय  नागर विमानन मंत्री तथा राज्य मंत्री से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट के लिए सकारात्मक दिशा में अप्रैल 2017 से ही कार्य प्रारंभ  कर दिया गया था। और अब तक उनके द्वारा सतत अनुश्रवण का परिणाम है एक साल के अंदर कई जटिलताओं के बावजूद इस प्रोजेक्ट को इन प्रिंसिपल अप्रूवल प्राप्त हुआ। 6 जुलाई 2017 को केंद्र सरकार की स्टीयरिंग कमेटी द्वारा  इस प्रोजेक्ट के लिए साइट क्लीयरेंस प्रदान किया गया था। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को इस प्रोजेक्ट हेतु नोडल एजेंसी नामित किया गया था। डॉ प्रभात कुमार, चेयरमैन एवं डॉ अरुण वीर सिंह, सीईओ तथा शैलेंद्र भाटिया द्वारा इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में सराहनीय प्रयास किया जाता रहा है।
15754 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट किया जायेगा
इस प्रोजेक्ट तथा टेक्नो इकोनॉमिक्स फिजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट प्राइस वाटर हाउस कंसलटेंट कंपनी द्वारा तैयार की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार  कुल 8 ग्राम की 1441 हेक्टेयर भूमि को क्रय अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। इस भूमि पर कुल 4 चरणों में पीपीपी मोड पर लगभग 15754 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट किया जाना संभावित है। इस प्रोजेक्ट में  2  रनवे  बनाए जाएंगे। एयरपोर्ट की लक्षित पैसेंजर कैपेसिटी 70  मिलियन पैसेंजर  प्रतिवर्ष  तथा कार्गो की कैपेसिटी 3 मिलियन मेट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी। प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार भूमि अधिग्रहणध् क्रय का कार्य 1 वर्ष के भीतर पूर्ण किए जाने पर सन 2022 से  इस एयरपोर्ट  के आपरेशनल हो जाने की संभावना है।
प्रदेश की छवि बेहतर होने के साथ निवेशकों की बढ़ेगी संख्या
इस प्रोजेक्ट के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की छवि बेहतर करने  के साथ साथ निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। सिविल एविएशन के क्षेत्र में राज्य सरकार की यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस प्रोजेक्ट को सबसे पहले सन 2000 में अवधारित किया गया थाए किंतु 17 साल से लंबित चल रहे इस प्रोजेक्ट पर वर्तमान राज्य सरकार ने तत्परता से मात्र एक साल के भीतर साइट क्लीयरेंस और इन प्रिंसिपल अप्रूवल प्राप्त कर लिए।
सभी मंत्रालयों से भी मिल चुकी है एनओसी
राज्य सरकार द्वारा 5 दिसंबर 2017 की कैबिनेट बैठक में विभागीय प्रस्ताव पर मुहर लगा दी थी। तत्पश्चात केंद्र सरकार के कई विभागों के द्वारा अपेक्षित एनओसी प्रदान करने हेतु आवेदन किए गए और गृह मंत्रालय,  रक्षा मंत्रालय तथा अन्य संबंधित मंत्रालयों ने  इस प्रोजेक्ट पर अपनी अन्नापत्तियां प्रदान कीं। वर्तमान सरकार ने अपने प्रयासों तथा नीतियों के माध्यम से भारत में अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सबसे प्रोऐक्टिव राज्य  का दर्जा भी हासिल  किया है। हवाई यात्रा की सुविधा के लिए और उड़ान सेवा के लिए अधिक शहरों से जुडऩे के लिए पूरे राज्य में कार्य चल रहा है। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम यानि त्ब्ै के तहत 11 नए एयरपोर्ट राज्य में विकसित किए जा रहे हैं। अगले 15 महीनों के अंदर अलीगढ़, आजमगढ़, बरेलीए चित्रकूट, झांसी, मोरादाबाद, सोनभद्र, इलाहाबाद और श्रावस्ती से नए विमान सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
यूपी में नौ एयरपोर्ट और 22 एयर रूट का हुआ चयन
दूसरी दौर की बिडिंग में उत्तर प्रदेश के नौ एयरपोर्ट एवं 22 एयर रूट का चयन हुआ है। खास तौर पर इलाहाबाद से तेरह नगरों के लिए विमान सेवा शुरू होंगी।  इलाहाबाद से कई प्रमुख शहर जैसे बैंगलोरए भोपालए भुबनेश्वर ए मुंबई ए गोरखपुर ए देहरादून ए इंदौरए कोलकाताए नागपुरए रायपुरए पुणेए पटना और लखनऊ के लिए हवाई सेवा शुरू होगी। पहली दौर की बिडिंग में 2 एयरपोर्ट आगरा और कानपूर और 5 एयर रूट चयनित हुए थे। इस प्रकार 11 मंडल मुख्यालयों से नयी उड़ान सेवा जल्द शुरू होगी।  प्रदेश में एविएशन सेक्टर को बढ़ावा देने और विभिन्न जनपदों को हवाई सेवा से जोड़े जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश नगर विमानन प्रोत्साहन निति 2017 प्रख्यापित भी की गई है। यही नहीं सरकार ने लखनऊ एयरपोर्ट के विस्तार को मंजूरी दे दी है प् साथ ही आगराए बरेलीए गोरखपुरए कानपूरए इलाहाबाद एयरपोर्ट पर सिविल एन्क्लेव बनकर जल्द तैयार होगा।  इसके लिए जरुरी जमीन अधिग्रहण के लिए सरकार ने राशि की मंजूरी दी है।

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