लखनऊ में दवाओं की किल्लत, मरीज परेशान, जानिए कौन—कौन सी दवाओं की है कमी

मौजूदा कोरोना संक्रमण काल में मरीजों को भगवान ही बचाये, क्योंकि हालात ऐसे हो चुके हैं लखनऊ में यहां कोविड बेड, ऑक्सीजन संग अब दवाओं का संकट भी झेलना पड़ रहा है। मरीज एक से दूसरे मेडिकल स्टोर भटक रहे हैं। उन्हें दवाएं नहीं मिल रही हीं। कोरोना, बुखार और सांस संबंधी दवाओं की बाजार में जबरदस्त किल्लत है।कोरोना की दूसरी लहर में दवाओं की मांग में तेजी से इजाफा हुआ। मांग के मुताबिक दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कोरोना मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की मांग में 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है।

मल्टी विटमिन की किल्लत

दवा कारोबारियों का कहना है कि दवा की दूसरी लहर खतरनाक साबित हो रही है। बड़ी संख्या में लोग कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं खरीद रहे हैं। इसमें मल्टी विटमिन भी शामिल हैं। इन दवाओं की बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। हालत यह है कि थोक एवं फुटकर दवा कारोबारियों के यहां स्टॉक खत्म हो गया है।

इन दावाओं की अधिक मांग

पैरासिटामोल, विटामिन सी, मल्टी विटामिन, आइवरमेक्टिन, एजिथ्रोमाइसिन, डॉक्सीसाइक्लीन, जिंक, कैल्शियम, विटामिन डी-3 मांग बढ़ गई है।

इनका है संकट

-रेमडेसिविर 15 से 18 हजार रुपये में एक इंजेक्शन
-फैबीफ्लू का पत्ता 3000 से चार हजार रुपये में
-टैमीफ्लू का पता 5000 से सात हजार में
-विटमिन सी 60 से 70 रुपए में बिक रही है।
उपकरण
-थर्मामीटर 180 से 220 रुपए
-पल्स ऑक्सीमीटर 1500 से 2200 रुपए में
-नेबुलाइजर मशीन 2000 से 2200 रुपए में
-भाप लेने की मशीन (वेपोराइजर) 300 से 400 रुपए में
-ब्लड प्रेशर मशीन 2500 से 3000 हजार में
-ऑक्सीजन सिलेंडर 20 हजार से अधिक
-ऑक्सीजन की नॉब 10 से 12 हजार रुपए में।
एंटीबॉयोटिक व इंजेक्शन की कमी
पैरासिटामॉल 650 की भी दिक्कत

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