छात्रा के सवाल पर डीजीपी सुलखान सिंह बोले सॉरी- ये है पूरा मामला

लखनऊ। राजधानी समेत प्रदेश भर के लिए महिला सुरक्षा सप्ताह की शुरूआत सोमवार को हो गयी। डीजीपी सुलखान सिंह ने खुद इसकी शुरूआत आईटी गल्र्स कॉलेज से की। डीजीपी ने इस दौरान छात्राओं के लिए पुलिस की ओर से चलायी जा रही तमाम सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही बताया कि प्रदेश में बेटियों को लेकर पुलिस किस तरह से काम कर रही है। इस दौरान तमाम छात्राओं ने डीजीपी से अपने-अपने सवाल भी पूछे। जिसमें छात्राओं ने कई सवाल पुलिस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी पूछे डीजीपी ने उसका भी जवाब बड़ी सरलता साथ दिया।
छात्रा ने कहा कि अधिकारियों का फोन उठा नहीं, 1०9० पर दर्ज नहीं हुई शिकायत
कॉलेज की एक छात्रा गरिमा सिंह ने 1०9० और विभाग के अधिकारियों के बारे में डीजीपी से शिकायत करते हुए कहा कि उसकी सहेली की एक गंभीर समस्या थी इसको लेकर जब उसने पुलिस विभाग के संबधित अधिकारियों से बात की तो फोन नहीं उठा। उसके बाद जब उसने 1०9० पर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो 1०9० की ओर से जवाब मिला कि शिकायत आपकी नहीं जो पीड़िता है उसकी दर्ज की जायेगी। छात्रा ने ये भी कहा कि उस शिकायत की सुनवाई संबधित थाने पर भी नहीं हुई। इसके बाद समझ में नहीं आया कि क्या किया जाये फिर हम चुप बैठ गये। छात्रा की पूरी बात सुनने के बाद डीजीपी ने छात्रा से इस परेशानी और पुलिस की हरकतों को लेकर माफी मांगी। और कहा जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। आगे पूरा प्रयास होगा कि छात्राओं को इस तरह सकी परेशानी का सामना न करना पड़े।
1०9० पर छात्रों को नवनीत सिकेरा ने भी दिया जवाब
छात्रा के सवाल के बाद 1०9० को लेकर नवतीन सिकेरा को जवाब देना पड़ा। सिकेरा ने छात्रा को आश्वस्त करते हुए कहा कि 1०9० महिलाओं के लिए ही है ऐसे में महिलाओं को आवाज उठाने के लिए लगातार प्रेरित करता रहा है ऐसे में1०9० की मंशा यह है कि किसी छात्रा या महिला के नाम पर दूसरा कोई शिकायत तो नहीं कर रहा है और सच्चाई कुछ और हो। सिर्फ इस वजह से पीड़िता की ही शिकायत दर्ज की जाती है।
डीजीपी ने छात्राओं को अपमान न सहने की दिलायी सपथ
कार्यक्रम के दौरान डीजीपी सुलखान सिंह छात्राओ को अपमान न सहने की सपथ भी दिलायी। डीजीपी ने छात्राओं को पुलिस में किस तरह से शिकायत दर्ज करायें। साथ ही महिला पॉवर लाइन के बारे में विस्तार से भी बताया। उन्होंने बताया कि छात्राओं को जागरुक किया जा रहा है और 2० हजार नई पावर एंजिल (शक्ति परी) बनाया जा रहा है। इसके लिए महिला पावर लाइन द्बारा आईडी कार्ड जारी किया जाता है। अंत में डीजीपी ने वहां के कर्मचारियों को कंबल वितरित किया।

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