कृषि विभाग नहीं कर सकेगा मनमानी, जनहित गारन्टी अधिनियम में शामिल हुआ विभाग, किसानों को राहत

 

-उपनिदेशक कृषि को अब फसल बीमा के मामले 3० दिन में हल करने होंगे
-कृषि विभाग को बीज, खाद, कृषि रक्षा रसायन आदि की उपलब्धता समय से सुनिश्चित करना अनिवार्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने किसानों को अनिवार्य रूप से खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन आदि की उपलब्धता निर्धारित अवधि में सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग को जनहित गारन्टी अधिनियम में रखा है। अधिनियम में संशोधन करके अब इनकी उपलब्धता हेतु समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। इस सम्बंध में जनहित गारन्टी अधिनियम में संशोधन के उपरान्त संशोधित अधिसूचना जारी कर दी गई है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग द्बारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जिला कृषि अधिकारी बीज (जायद, खरीफ एवं रबी) की उपलब्धता 3० दिन के अन्दर करेंगे, ताकि किसानों को इनकी प्राप्ति में किसी भी प्रकार कठिनाई न हो सके और उन्हें समय से आसानी से खाद-बीज आदि मिल सके। इसी प्रकार जिला कृषि रक्षा अधिकारी जायद, खरीफ एवं रबी सीजन के लिए कृषि रक्षा रसायन की उपलब्धता 3० कार्य दिवसों में सुनिश्चित करेंगे। जनपद स्तरीय उपनिदेशक कृषि को अब फसल बीमा के मामले 3० दिन में हल करने होंगे। जिला कृषि अधिकारी को बीज एवं उर्वरक, उपप्रभागीय कृषि विस्तार अधिकारी को कृषि यंत्र तथा कृषि रक्षा अधिकारी को कृषि रक्षा रसायन एवं कृषि रक्षा यंत्रों की व्यवस्था डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डी०बी०टी०) के अन्तर्गत क्रमश:: 3०-3० कार्यदिवसों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना होगा। यदि ये अधिकारी निर्धारित अवधि में प्रकरणों का निस्तारण अथवा खाद- बीज आदि समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कर पाते हैें, तो प्रथम अपीलीय अधिकारी जनपद स्तरीय उप निदेशक कृषि 3० दिन में अथवा द्बितीय अपीलीय अधिकारी मण्डलीय सयुंक्त निदेशक कृषि के लिए निर्धारित अवधि 15 दिन में समस्या का निराकरण अथवा उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।

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