यूपी में आंदोलन की राह पर खंड शिक्षा अधिकारी, लखनऊ में हुई बैठक, प्रभावित हो सकती है स्कूलों में व्यवस्थायें

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बेसिक शिक्षा परिषद में तैनात खंड शिक्षा अधिकारियों की वर्षों से लंबित पदोन्नित और शिक्षा निदेशालय बेसिक की ओर से खण्ड शिक्षा अधिकारियों की एसीपी स्वीकृति एवं सेवा सम्बन्धी प्रकरणों में की जा रही अनियमितताओं समेत कई मांगों को लेकर अब खंड शिक्षा अधिकारी अब आंदोलन करने जा रहे हैं। इस संबंध में विद्यालय निरीक्षक संघ (एसडीआई संघ) नरही स्थित कार्यालय  पर बैठक आयोजित की। बैठक में तय हुआ कि अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई रस्ता नही हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनके साथ हमेंशा से विभाग में  पक्षपात होता रहा है, अब और बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा अभी हाल ही में नवनियुक्त खंड शिक्षा अधिकारियों को समूह ख की जगह ग में नियुक्ति दी गयी, ऐसे लगता है कि कार्मिक विभाग के शासनोश के बारे में अधिकारियों को पता नहीं है। इसके साथ ही इनकी नियुक्ति बेसिक शिक्षा निदेशक की बजाय अपर शिक्षा निदेशक स्तर से की गयी। बता दें कि कभी एक साथ खंड शिक्षा अधिकारी आंदोलन की ओर नहीं बढ़ते हैं, ऐसा अगर होता है तो प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था प्रभावित होगी। बैठक में संयुक्त मंत्री आरपी यादव, विधि मंत्री माधवराज त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष दिनश मौर्या, बाराबंकी से आरके द्विवेदी, आरके सिंह, अजीत सिंह, उदयमणि पटेल, सीतापुर से  पुष्पेन्द्र जैन, प्रभाष श्रीवास्तव, रायबरेली से लालमणि कनौजिया, आरके कश्यप, लखनऊ से  राम नरायन, नूतन जायसवाल, अर्चना यादव, उन्नाव से दिनेश सिंह सहित बिजनौर के  अलावा अलग-अलग जिलों के काफी संख्या में खंड शिक्षा अधिकारियों ने बैठक में एक आंदोलन पर सहमति जतायी।

मुख्यमंत्री को भेजेंगे लिखित पत्र

शनिवार को हुई बैठक में ये तय हुआ कि  23 अप्रैल, से जनपद स्तर पर जिलाधिकारी के माध्यम से  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सम्बोधित ज्ञापन दिया जायेगा और 23 अप्रैल, 2021 से सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी सांकेतिक विरोध स्वरूप हाथ पर काली पट्टी बांध कर कार्य करेंगे। इसके बाद 10 मई, को सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों की ओर से लखनऊ में एक दिवसीय धरना दिया जायेगा।

इन समस्याओं पर भी हुई चर्चा

-1988 में आयोग से सीधी भर्ती में चयनित खंड शिक्षा अधिकारियों एवं उसके बाद के चयनित खंड शिक्षा अधिकारियों का बिना एक भी पदोन्नति के सेवा निवृत्त किया जा रहा है। न्यायालय एवं छठे वेतन समिति के छठे वेतनमान के लिए पे बैण्ड 2, ग्रेड पे 5400 की अनुशंसा के बावजूद वेतनमान भी  नहीं दिया जा रहा है।

सरकार से लेकर विभाग के उच्च अधिकारी तक खंड शिक्षा अधिकारी से उम्मीद करते हैं कि स्कूलों का संचालन बेहतर ढंग से हो, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों की समस्याओं को ही अनदेखा कर दिया जाता है। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

प्रमेन्द्र शुक्ला प्रदेश अध्यक्ष विद्यालय निरीक्षक संघ