सीबीएसई के बाद अब यूपी बोर्ड परीक्षा की बदलेगी तिथि, जानिए उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने क्या कहा

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बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच यूपी बोर्ड परीक्षा की तिथियों में बदलाव किया जायेगा। लेकिन नई तिथि क्या होगी इस पर जल्द ही घोषणा की जायेगी। इस बात की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि नई तारीखों का जल्द ऐलान किया जायेगा। सीबीएसई बोर्ड के निर्णय के बाद उनसे यूपी बोर्ड परीक्षा की तारीखों में परिवर्तन को लेकर एक सवाल पूछा गया था, जिसके बाद उन्होंने अपना जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों व अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों की मॉनिटरिंग करेगा। मंत्री लगातार वहां के जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के साथ संपर्क में रहेंगे। अभी आठ मई से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा होनी है। उन्होंने कहा कि कोरोना पीक का आकलन समय-समय पर किया जा रहा है। हमारे 19 अधिकारी जो बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित हैं, इनमें से 17 अधिकारी संक्रमित हैं। सभी के ठीक व स्वस्थ होने के बाद हम आपस में चर्चा करके मुख्यमंत्री से संवाद करेंगे। इसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जाएगा। सीबीएसई बोर्ड में 10 से 15 लाख विद्यार्थी बैठते हैं। यूपी बोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड है जिसमें 55-56 लाख विद्यार्थी बैठते हैं।

मुख्यमंत्री कोरोना संक्रमित लेकिन सक्रिय
डा दिनेश शर्मा ने जानकारी दी है कि मैंने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की है। मुख्यमंत्री के गले में खराश है, हल्का जुकाम भी है और थोड़ा बुखार भी। लेकिन वह सक्रिय हैं। मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे अपने जिलों की व्यवस्था से जुड़े लोगों से बात करें और लोगों के लिए व्यवस्था दुरुस्त कराएं।

विभाग की ओर से भेजा जायेगा प्रस्ताव
सीबीएसई की तर्ज पर अब यूपी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है, इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी हो रही है। अभी परीक्षा की तिथि 8 मई निर्धारित हैं, इसी बीच कोरोन संक्रमितों की संख्या लखनऊ समेत प्रदेश भर में बढ़ रही है। ऐसे में 56 लाख परीक्षार्थियों की जिंदगी का सवाल है। इस स्थिति में परीक्षा की तिथि बढ़ाये जाने की अनुमति शासन से ली जायेगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में अगर परीक्षा की तिथि आगे बढ़ जाये तो बेहतर है। वहीं दूसरी ओर बढ़ते कोरोना के बीच शिक्षक भी कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी नहीं करना चाहते हैं। यही कारण है कि शिक्षकों का ब्योरा अभी तक नहीं भेजा गया है। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शासन से अनुमति लिए पत्र भेजने की तैयारी शुरू हो चुकी है। मौजूदा समय में स्थिति ये है माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के करीब 20 कर्मचारी अधिकारी और माध्यमिक शिक्षा अपर मुख्य सचिव शासन आराधना शुक्ला तक कोरोना पॉजीटिव हो चुकी हैं।

सीबीएसई बोर्ड ने लिया है ये निर्णय
मौजूदा समय को देखते हुए सीबीएसई बोर्ड ने इंटरमीडिएट परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ा दिया है, जबकि हाईस्कूल की परीक्षा को रद्द कर दिया है। हाईस्कूल में बच्चे सीधे प्रमोट हो सकते हैं। ऐसे में हब यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा को रद्द करने की भी मांग शिक्षक संघ ने की है।