अगले सेशन से NEET के जरिए होगा आयुष कोर्सेज में दाखिला

अगले शिक्षण सत्र यानी 2018.19 से विभिन्न आयुष पाठ्यक्रमों के लिए दाखिला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के जरिए होगी. दाखिला प्रक्रिया को मानक बनाने और मेधावी छात्रों को आयुष के प्रति आकषिर्त करने के लिए यह फैसला किया गया है. आयुष में आयुर्वेद के अलावा योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और होमियोपैथी शामिल हैं. आयुष मंत्रालय ने इस संबंध में सभी राज्य सरकारों को परामर्श भेजे हैं.

आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि आयुर्वेद, होमियोपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा और यूनानी दवाइयों तथा योग की दुनिया भर में मांग बढ़ी है तथा ऐसे पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में भी वृद्धि हुयी है. ऐसे में इसकी शिक्षा के स्तर को बनाए रखने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि एनईईटी शुरू किए जाने से किसी भी आयुष कालेज में सीटों को भरने के लिए निजी परीक्षाएं नहीं ली जा सकेंगी.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के पहले नाइक ने कहा कि आंकड़े दर्शाते हैं कि पिछले दो साल में योगभ्‍यास करने वाले लोगों की संख्या में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

उन्होंने कहा कि सरकार योग को बढ़ावा देने के लिए देश भर में 100 पार्क समर्पित करेगी. इन पार्कों का रखरखाव योग या अन्य संगठनों द्वारा स्वैच्छिक रूप से किया जायेगा .

हाल ही में एक बैठक में सचिवों के एक समूह ने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया कि मेडिकल काउंसिल पाठ्यक्रम फिर से तैयार करे ताकि आयुष से जुड़े तत्व एलोपैथी में और एलोपैथी के तत्व आयुष में शामिल किए जा सकें.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और बातचीत चल रही है.

इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम लखनउ में आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाग लेंगे. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, वरिष्ठ मंत्रियों, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और योग गुरूओं के साथ ही करीब 51 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है.

इस वृहद कार्यक्रम में करीब 150 देशों के शामिल होने की संभावना है. उन देशों में भारतीय मिशन कार्यक्रमों के बीच समन्वय करेंगे. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन पेरिस के एफिल टावर, लंदन के ट्रैफलगर स्कवायर और न्यूयार्क के सेंट्रल पार्क जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर भी होगा.

दिल्ली में सात मुख्य कार्यक्रम अलग अलग स्थानों पर एनडीएमसी, डीडीए और योग संस्थानों के सहयोग से आयोजित किए जाएंगे.

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