प्रेमिका से मिलने गये आशिक को लड़की के पिता ने मारी गोली, कानुपर पुलिस ने बचायी जान, लेकिन दर्ज हुआ ऐसा मामला

Ravi Shankar gupta

लखनऊ-कानुपर। वह एक दूसरे से दोनो बेंइतहा प्यार करते थे । पिछले दो सालों से मिलना जुलना भी था, साथ जीने मरने की कसमें भी खायी फिर ऐसा क्या हुआ एक दिन जब लड़की से उसका आशिक मिलने पहुंचा तो दिन दहाड़े लड़की के पिता ने अपने ही घर की गैलरी में उसे गोली मार दी। पुलिस ने इसमें लड़के द्बारा आत्महत्या का प्रयास का मामला दर्ज किया है। साथ ही गोली लगने के बाद पीडित लड़के को बिना किसी देर के पुलिस ने अस्पताल भी पहुंचाया, और लड़के की जान बच गयी। ऐसे में इंडिया न्यूज टाइम्स डॉट इन ने पुलिस से भी जानकारी ली और पीड़ित लड़के से भी बातचीत की है। लेकिन पुलिस और लड़के की थ्योरी अलग-अलग है। पुलिस का कहना है कि लड़के ने आत्महत्या का प्रयास में खुद को गोली मारी है जबकि पीड़ित लड़के का कहना है कि लड़की के पिता ने उसे गोली मारकर तमंचा उसके हाथ में ही पकड़ा दिया। जिसके बाद पुलिस ने आत्महत्या का केस दर्ज किया है।

शिवराज पुर थाना क्षेत्र में बीते 9 फरवरी को हुई थी घटना
कानुपर नगर के शिवराजनगर थाना क्षेत्र की पूरी घटना है। यहां के रहने वाले एक चाय विक्रेता सुरेन्द्र यादव की बेटी रिंकी (काल्पनिक नाम) और सीतापुर के सिधौली निवासी आशुतोष वर्मा के बीच पिछले दो सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आशुतोष ने बताया कि बीते 8 फरवरी को रिंकी ने उससे रात में बात की थी तब रिंकी ने कहा था कि घर मे कुछ हालात ठीक नहीं है तुम कानपुर आ जाओ हम दोनो कहीं दूर निकल चलते हैं। इसके बाद वह 9 फरवरी को सुबह 6 बजे अपने घर से कानपुर के लिए रवाना हुआ करीब 11 बजे वह कानुपर नगर शिवरापुर पहुंच गया। करीब 12 बजे रिंकी से उसकी मुलाकात हुई। रिंकी ने आशुतोष को अपने घर पर बुलाया। आशुतोष ने बताया इसी बीच रिंकी अंदर चली गयी और वह गैलरी में ही पहुंचा था और पहले से घात लगाये बैठे रिंकी के पिता अपने साथियों के साथ आशुतोष को पकड़ लिया और गाली देते हुए उसे जान से मारने की धमकी देते हुए तमंचा लगा दिया।

               गोली मारने से पहले लिखवाया सुसाइड नोट
आशुतोष ने बताया कि उसके ऊपर तंमचा लगाकर दो पन्नो पर उससे लड़की के पिता और उसके साथियों ने सुसाइड नोट लिखवाया था। इसमें लड़की का चाचा भी शामिल था। आशुतोष के मुताबिक सुसाइड नोट लिखते ही उसके पेट में लड़की के पिता ने गोली मार दी। और सुसाइड नोट उसके बैग में रख दिया। इसी बीच रिंकी अंदर आंगन से सब देख रही थी। आशुतोष ने बताया कि गोली लगते ही वह रिंकी की ओर आंगन में भागा लेकिन वह बेहोश हो गया। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी और इससे पहले आशुतोष के हाथ में वही अवैध तंमाचा भी रख दिया गया। इसके अलावा आशुतोष की जेब में जहर की पुड़िया भी रख दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आशुतोष के हाथ से तमंचे के साथ बैग भी बरामद किया।

लिखा पढ़ी बाद में पुलिस ने जान बचाना पहले उचित समझा
मौके पर पहुंची शिवराज पुर पुलिस ने अस्पताल में आशुतोष को इलाज के लिए भर्ती कराया। जहां उसकी जान बच गयी। इस बात की सूचना जब आशुतोष के पिता रमेश वर्मा को दी गयी तो वह भी अस्पताल पहुंच गये। इधर 9 फरवरी की रात में ही मौके से बरामद तंमचे और बैग में रखे सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने आशुतोष पर आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर दिया। इस बारे शिवराजपुर थाना प्रभारी चन्द्र देव यादव ने बताया कि घटना नौ फरवरी की है। आशुतोष रिंकी से मिलने आया था और साथ चलने को कह रहा था, रिंकी ने साथ जाने से मना कर दिया तो उसने खुद को गोली मारी है। थाना प्रभारी के मुताबिक उसके पास से सुसाइड नोट और तंमचा व मोबाइल भी बरामद हुआ है। जिसके आधार पर पता चलता है कि लड़के ने सुसाइड का प्रयास किया। इसी आधार पर केस भी दर्ज किया गया है। हालांकि थाना प्रभारी चन्द्र देव यादव ने लड़की के पिता के बारे में बताया कि वह घटना के समय अपनी चाय की दुकान पर थ्ो। ख्ौर कुछ भी हो लेकिन आशुतोष और पुलिस की थ्योरी अलग-अलग है।

घटना के बाद लखनऊ के केजीएमयू में हुआ आशुतोष का इलाज
घटना के बाद पुलिस ने आशुतोष के पिता रमेश और मामा की सिफारिश पर लिखापढ़ी करने के बाद सर्शत उसको इलाज के लिए लखनऊ में भर्ती कराने की अनुमति दे दी। जहां उसे इलाज के लिए केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। फिलहाल आशुतोष बेडरेस्ट पर है। पुलिस को भी उसके बयान का इंतजार है।

कानपुर के अखबारों ने भी छापा था सुसाइड का प्रयास
घटना के बाद दस फरवरी को कानुपर के प्रतिष्ठित अखबारों ने भी घटना को पुलिस के मुताबिक ही छापा था। खबरों में सुसाइड का प्रयास बताया गया था। पहली दृष्टि में अभी भी पुलिस इस घटना को सुसाइड का प्रयास ही मानकर चल रही है।

इस तरह हुई थी आशुतोष और रिंकी की मुलाकात
आशुतोष ने बताया कि उसके मामा दरोगा के पद पर इससे पहले शिवराजपुर थाने में ही तैनात थे। जो कि लड़की के पिता की दुकान पर अक्सर चाय पीने जाया करते थे। इस कारण से उनके संबंध अच्छे थे। जब दरोगा मामा का ट्रांसफर हो गया तो मामा के यहां एक शादी पड़ी तो लड़की और उसके पिता दोनो ही शादी में शामिल होने के लिए आये थे जहां पर आशुतोष और रिंकी के बीच बातचीत शुरू हुई थी। बात शादी तक पहुंची तो उससे पहले ये घटना हो गयी।

लड़की के भाई ने अक्टूबर 2०16 में दी जान से मारने की धमकी
आशुतोष ने बताया कि जब उसके प्यार के बारे में लड़की के भाई को पता चला था तो उसने आशुतोष को फोन पर जान से मारने की धमकी थी। इसकी रिकार्डिंग आशुतोष के पास मौजूद है। आशुतोष ने बताया कि लड़की के भाई ने उसकी बहन को भी उठवा लेने की भी धमकी थी। रिकार्डिंग में लड़की के भाई ने खुद को सीतापुर एमएलसी आंनद भदौरिया को अपना करीबी बताया है।

लड़की की बुआ ने दिया था शादी का आश्वासन
पीड़ित लड़के आशुतोष के मुताबिक दोनो एक दूसरे से शादी भी करना चाहते थ्ो। ये बात लड़के ने सबसे पहले लड़की रिंकी की बुआ का बतायी थी। बुआ ने बात पता चलने के बाद रिंकी के साथ लड़के से भूतेश्वर मंदिर में मुलाकात की वहां पर दोनो की शादी कराने का आवश्वासन भी दिया। ऐसा पीड़ित लड़के कहना है। इसके बाद आशुतोष और रिंकी अक्सर मिलने जुलने लगे। आशुतोष ने बताया कि रिंकी ने भी उससे शादी का वादा किया था।

लड़की के वीडियो के नाम पर वसूल लिए 85 हजार
आशुतोष ने बताया कि जब वह रिंकी से मिलने जाता था उस समय मिलने का कुछ लड़कों ने एक वीडियो बना लिया था। जिसके बाद रिंकी को बदनाम करने की धमकी देने लगे थ्ो। इसके लिए लड़कों ने उससे 85 हजार रुपए वसूल किए थ्ो। ये बात लड़की के भाई को पता थी। पैसा वसूलने वाले लड़के भी शिवरापुर के रहने वाले थ्ो। ऐसे में आशुतोष का कहना है कि अब उसे शक है कि इसमें भी उसके साथ एक साजिश हुई है।

आशुतोष सही की पुलिस, इस पर भी हो जांच
-पुलिस का कहना है कि लड़के ने खुद को गोली मारी
-आशुतोष का कहना है कि लड़की के पिता ने गोली मारी
-पुलिस का कहना है कि घटना के समय लड़की का पिता अपनी दुकान पर था
-आशुतोष का कहना है कि लड़की के पिता घटना के समय मौके पर था।
-पुलिस का कहना है आशुतोष को घर के बाहर से उठा कर अस्पताल पहुंचाया
-आशुतोष का कहना कि गोली मारने के बाद उसे घर के बाहर किया गया था।
-आशुतोष का कहना है कि तंमचा मेरा नही है
-पुलिस का कहना कि तमंचा आशुतोष का ही है फिंगर प्रिंट के निशान उसके हैं
-आशुतोष का कहना है लड़की के पिता ने जहर उसके बैग में रखा
-पुलिस कहना है कि जहर की पुड़िया उसके बैग से बरामद हुई

सवाल ये भी हैं
-क्या लड़की का बयान दर्ज किया गया
-लड़की के पिता से पूछताछ हुई या फिर उसका बयान दर्ज किया गया
-घटना के बारे में मोहल्ले वालों से भी क्या पूछताछ हुई
-घटना हुई तो क्या घर में मौजूद लोगों के अलग-अलग बयान दर्ज किए गये
-लड़की के बुआ के बयान क्यों नहीं दर्ज किए गये।

क्या आशुतोष के आरोपों पर पुलिस को जांच नहीं करनी चाहिए
खैर कुछ भी हो इंडिया न्यूज टाइम्स डाट इन किसी एक पक्ष की बात नहीं कर रहा है लेकिन आशुतोष के आरोपों की क्या जांच नहीं होनी चाहिए। सुसाइट नोट किस हालत में लिखा गया या फिर तमंचा किसका था ? क्या इस बारे में प्रमुखता से जांच नहीं होनी चाहिए। अगर लड़का लड़की को जबदस्ती साथ ले जाने को कह रहा था तो क्या इसकी सूचना पुलिस को लड़की पक्ष की ओर से क्यों नही दी गयी। ऐसे कई सवाल हैं जिन पर जांच करने की जरूरत है।

हमने मामले की जांच की है प्रथम दृष्टि में मामला आत्महत्या के प्रयास का पाया गया है। आशुतोष के पास से तंमचा बरामद हुआ है। उसके बैग से जहर की पुड़िया और कुछ रुपए भी मिले हैं। तंमचे पर फिंगर प्रिंट आशुतोष के हैं ऐसे में तमाम सबूत आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं आगे की जांच आशुतोष के बयान के आधार पर भी की जायेगी। 
चन्द्र देव यादव थाना प्रभारी शिवराजपुर कानपुर नगर

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