फर्जी शिक्षको की छिनेगी नौकरी, जायेंगे जेल, वेतन होगा वापस

प्रयोगात्मक चित्र

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद से फर्जी सार्टिफिकेट के आधार पर नौकरी हथियाने वाले फर्जी शिक्षकों की अब नौकरी तो जायेगी ही साथ में जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। जांच में पाये गये दोषी शिक्षकों का वेतन भी रिकवर किया जायेगा। इस बारे में शनिवार को बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने बताया कि ऐसे शिक्षको पर की सीध्ो बर्खास्तगी की जायेगी। दरअसल डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के फर्जी अंकपत्रों के आधार पर करीब 457० अभ्यर्थी परिषदीय स्कूलों में शिक्षक पद की नौकरी कर रहे थ्ो। ऐसे शिक्षक जहां बच्चो का भी भविष्य चौपट कर रहे थ्ो वहीं दूसरी और वेतन के रूप में सरकारी धन को भी हड़प रहे थ्ो। अब जब जांच में दोषी पाये गये तो इस संबध में शासन ने ऐसे शिक्षकों की सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी कर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
ये है मामला, इस तरह से हुआ खुलासा
दरअसल अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2००4-०5 से जुड़ा है। इस मामले में वर्ष 2०13 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट में संरक्षित बीएड सत्र 2००4-०5 के प्रकरण में जांच के बाद शासन ने 16 अक्टूबर 2०15 को एसआइटी को मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट की ओर से 2०14 को पारित आदेश के क्रम में रजिस्ट्रार जनरल के पास वर्ष 2०13 से सर्वमोहर संरक्षित टैबुलेशन पार्ट की प्रति एसआइटी को उपलब्ध कराई। एसआइटी को अंबेडकर विवि आगरा द्बारा बीएड सत्र 2००5 का मूल टैबुलेशन चार्ट भी उपलब्ध कराया गया जो विश्वविद्यालय के किसी अधिकारी या कर्मचारी द्बारा हस्ताक्षरित नहीं है। बीएड सत्र 2००4-०5 में एनसीटीई ने कुल 82 कॉलेजों को बीएड पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए कुल 815० छात्रों के प्रवेश के लिए मंजूरी दी थी जिसके सापेक्ष विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को सत्र 2००4-०5 में बीएड कोर्स संचालित करने की संबद्धता दी थी। एसआइटी ने मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपी है।
रिपोर्ट में शासन को ये बताया गया
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि बीएड सत्र 2००4-०5 के टेबुलेशन चार्ट में 84 कॉलेजों के 12472 छात्रों का परिणाम अंकित है। वहीं, संकलित अभिलेखीय साक्ष्यों के अनुसार बीएड सत्र 2००4-०5 में 82 कॉलेजों में कुल 8०3० छात्रों ने ही प्रवेश लिया था। परीक्षा परिणाम में अंकित अलीगढ़ के केहरीमल गौतम स्मारक महाविद्यालय, नगला सरुआ और फीरोजाबाद के जयमूर्ति कॉलेज, नगला बाल, सिरसागंज को बीएड सत्र संचालित करने की संबद्धता नहीं थी, न ही इन कॉलेजों में बीएड कोर्स संचालित हुआ। इन कॉलेजों के नाम से उच्च प्राप्तांक की 147-147 फर्जी अंकतालिकाएं छात्रों को जारी करते हुए उनका समायोजन विवि के टैबुलेशन चार्ट में कर दिया गया। बीएड सत्र 2००4-०5 का परीक्षाफल बनाने वाली एजेंसी इंटीग्रेटेड साफ्टवेयर सिस्टम, महानगर, लखनऊ की ओर से दी गईं सूचनाओं के आधार पर उसके द्बारा नवंबर 2००6 में अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2००4-०5 के लिए 893० छात्रों का परीक्षा परिणाम और उससे संबंधित टैबुलेशन चार्ट व सीडी आदि विश्वविद्यालय के अधिकृत व्यक्ति को उपलब्ध कराई गई। पांच और छह जून 2०16 को एसआइटी और विश्वविद्यालय के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बीएड सत्र 2००4-०5 की परीक्षा के प्रथम व पांचवें प्रश्नपत्र तथा प्रयोगात्मक परीक्षा की कुल 8899 छात्रों के अंकपर्ण बरामद हुई जिसमें दो मान्यताप्राप्त कॉलेजों के अंकपर्ण बरामद नहीं हुए।

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