यूपी में कोराना संक्रमण से एक दिन में 167 की मौत, 28 हजार मिले केस, जानिए लखनऊ की क्या है स्थिति

राजधानी समेत पूरे प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है, सोमवार को प्रदेश भर में 28 हजार से अधिक नये संक्रमित केस दर्ज किए गये, जबकि 167 लोगों की मौत हो गयी। वहीं लखनऊ में 5 हजार 897 केस संक्रमण के दर्ज किए गये, इसमें 22 लोगों की मौत हो गयी। इस संबध में जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव ‘सूचना’नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में टेस्टिंग का कार्य करते हुए, टेस्टिंग की क्षमता निरन्तर बढ़ायी जा रही है। गत एक दिन में कुल 2,00,751 सैम्पल की जांच की गयी, जिसमें 1 लाख से अधिक जांच आरटीपीसीआर के माध्यम से तथा 20 हजार जांच निजी प्रयोगशाला के माध्यम से की गयी है। प्रदेश में अब तक कुल 3 लाख 84 हजार 67,016 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमित 28 हजार 287 नये मामले आये है। प्रदेश में 2 लाख 08 हजार 523 कोरोना के एक्टिव मामले में से 1 लाख 06 हजार 843 लोग होम आइसोलेशन में, निजी चिकित्सालयों में 4,100 लोग तथा शेष मरीज सरकारी चिकित्सालयों में इलाज भी करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 6,61,311 लोग कोविड-19 से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 2,12,968 क्षेत्रों में 5,46,085 टीम दिवस के माध्यम से 3,26,70,803 घरों के 15,80,78,134 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है। प्रदेश में 45 वर्ष से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन चल रहा है। इसमें पात्र व्यक्ति अपना वैक्सीनेशन आवश्यक करवाये। उन्होंने लोगों से अपील की है कि 45 वर्ष से अधिक लोगों का कोविड वैक्सीनेशन कराने में सहयोग प्रदान करें। अब तक 91,25,397 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गयी तथा पहली डोज लेने वालों में से 16,16,822 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी गयी हैं। इस प्रकार कुल 1,07,42,219 वैक्सीन की डोज लगायी जा चुकी है।

दवा कालाबाजारी वालों की जब्त होगी संपत्ति

सहगल ने बताया कि कोविड प्रबंधन के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ टीम-11 के सदस्यों साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि रेमेडेसिवर, जीवन रक्षक दवाओं तथा आॅक्सीजन की कालाबाजारी करने वालों पर गैंगस्टर, एनएसए लगाया जायेगा। रेमेडेसिवर के 20000 वायल शीघ्र प्रदेश को प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों की सम्पत्ति जब्त की जायेगी।

औद्योगिक इकाईयां सप्लाई करेंगी आक्सीजन

सहगल ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन के उत्पादन करने वाले सभी औद्योगिक इकाइयों एवं एमएसएमई से सम्पर्क एवं समन्वय बनाकर ऑक्सीजन की आपूर्ति कराने के निर्देश दिये हैं। इसके अलावा छोटी-छोटी औद्योगिक इकाइयां भी अपने आस-पास के अस्पतालों में आॅक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करें, जिससे स्थानीय स्तर पर ही आॅक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो सके। छोटी इकाइयां स्थानीय अस्पतालों में आक्सीजन उपलब्ध करायें जिससे ट्रांसपोटेशन का खर्च कम पड़ेगा।