डॉक्टर के क्लीनिक में छप रहे थे नकली नोट

लखनऊ। नकली नोट और काले धन पर लगाम लगाने के लिए भले ही सरकार तमाम कोशिश्ो कर ले लेकिन नकली नोटों का कारोबार करने वाले कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। ताजा मामला बहराइच के लालपुर जलालपुर का है। यहां एक डॉक्टर की क्लीनिक में नकली नोट छप रहे थ्ो। लेकिन एक चूक ने पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भ्ोज दिया। साथ ही एक लाख रुपए से अधिक के नकली नोट भी बरामद कर लिए। पुलिस को सूचना मिल रही थी कि लालपुर जलालपुर गांव में एक क्लीनिक पर जाली नोट छापने का काम चल रहा है। पुलिस को जब इस बारे में सूचना मिली तो छापेमारी की गयी। जिसमें मौके से एक फर्जी चिकित्सक व उसके सगे भाई अपना दल के बौद्धिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से 94 हजार 64० रुपये के जाली नोट और 3० हजार रुपये के अर्द्धनिर्मित नोट समेत जाली नोट बनाने के उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों भाइयों को जेल भेज दिया है।
ऐसे हुआ खुलासा
फखरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर जलालपुर निवासी युवक सलमान बाजार में दो हजार रुपये का नोट लेकर पहुंचा था। उसने जियाउद्दीन के किराने की दुकान पर नोट दिया। दुकानदार ने शक होने पर तत्काल पुलिस को सूचित किया। एसपी जुगुल किशोर के निर्देश पर किराने की दुकान पर पकड़े गए युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि उसे गांव में क्लीनिक चला रहे डॉ. रिजवान अहमद ने दो हजार का जाली नोट देकर पांच सौ रुपये का सामान खरीदने और बाकी पैसे वापस करने को कहा था। इस पर सीओ सिटी अतुल कुमार यादव की अगुवाई में स्वाट टीम के प्रभारी नवीन कुमार मिश्रा, एसएसटी के निरीक्षक केके यादव, फखरपुर एसओ अजीत वर्मा और महिला एसओ मंजू पांडेय ने छापेमारी शुरु की। पुलिस टीम ने डॉ. रिजवान और बगल में मेडिकल स्टोर चला रहे उसके भाई कामरान अहमद की दुकानों पर छापेमारी की तो यहां से पुलिस को कम्प्यूटर, मॉनीटर, स्कैनर, सीपीयू, यूपीएस, कीबोर्ड, माउस आदि सामान मिला। मौके से 94 हजार 64० रुपये के जाली नोट और 3० हजार रुपये के अधबने नोट मिले।

 

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