ऐसे विद्यालयों के बारे में जानकर अधिकारी भी रह गये हैरान

 

बिजनौर में अवैध रुप से संचालित 98 विद्यालय कराए गए बन्द

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में फर्जी शिक्षकों की तरह से फर्जी विद्यालयों की भी भरमार है। इसका एक ताजा नमूना बिजनौर का देखने को मिला ै। यहां 98 विद्यालय ऐसे संचालित थ्ो जो शिक्षा व्यवस्था का बंटाधार तो कर ही रहे थ्ो साथ ही अभिभावकों को बेवकूफ बनाकर अपनी जेबे भरने में जुटे हुए थ्ो। हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस बात की खबर तक नहीं थी। दरअसल
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान की ओर से जारी नोटिस में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बिजनौर को आदेशित किया गया था कि बिजनौर निवासी नरेन्द्र कुमार गुप्त द्बारा मांगी गई सभी सूचनाएं उपलब्ध कराएं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बिजनौर से योगेश कुमार आयोग में उपस्थित होकर बताया कि जनपद बिजनौर में गैर मान्यता प्राप्त अवैध रूप से संचालित कुल 98 विद्यालय हैं, जिनमें 1 अल्हैपुर, 9 नजीबाबाद, 8 जलीलपुर, 15 कोतवाली, 11 अफजलगढ़, 2 बुढ़नपुर, 15 हल्दौर, 9 किरतपुर, 13 मौ०पुर देवमल, 7 आकू, 8 नुरपुर विद्यालयों को वर्तमान में बन्द करा दिया गया है। बिजनौर निवासी नरेन्द्र कुमार गुप्ता ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बिजनौर से सूचना अधिकार अधिनियम-2००5 के तहत, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक आईसीएससी तथा सीबीएससी विद्यालयों के मानक, विद्यालयों में कमरों की संख्या, उनका साईज, खेल का मैदान, विद्यालय में पेयजल, शौचालयों की संख्या, जनपद में बगैर मान्यता प्राप्त संचालित विद्यालय आदि के विषय जानकारी मांगी थी। इस सम्बन्ध में विभाग द्बारा वादी को कोई जानकारी नहीं दी गयी। अधिनियम के तहत सूचनाएं प्राप्त न होने पर वादी ने राज्य सूचना आयोग में अपील कर सम्बन्धित प्रकरण की जानकारी मांगी थी, जिसके परिणाम स्वरुप यह कार्यवाही की गई।

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