एक साल में 37० पुलिस कर्मी लौट के नहीं आ सके घर


-1 सितंबर 2०16 से 31 अगस्त 2०17 तक सिर्फ उत्तर प्रदेश शहीर हो गये 76 पुलिस कर्मी
-21 अक्टूबर को शहीद पुलिस कर्मियों की याद में आयोजित होगा श्रद्धाजंलि समारोह                                        इंडिया न्यूज टाइम्स डॉट इन 
लखनऊ। कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये। जिस तरह से देश की सीमा पर तैनात सेना के जवानों को हमारी रक्षा के लिए जान की कीमत चुकानी पड़ती है, वहीं देश के भीतर हमारी रक्षा के लिए 24 घंटे ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों को भी कम चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता है।  कई बार ऐसा होता है जब हमारी रक्षा करते हुए पुलिस जवानों की उसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ जाती है। डीजीपी मुख्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट पर नजर डालें तो इस बार यूपी में 76 पुलिस कर्मी शहीद हो गये। वहीं पूरे देश की बात करें तो कुल 37० पुलिस कर्मी शहीद हो गये। डीजीपी मुख्यालय की ओर से ये आकड़ा 21 अक्टूबर को शहीद पुलिस कर्मियों के लिए आयोजित होने वाले श्रद्धाजंलि सभा से पहले जारी किए गये हैं। आकड़े के मुताबिक 1 सितम्बर 2०16 से 31 अगस्त 2०17 तक की अवधि में पूरे भारत में अपने प्राणों का बलिदान करने वाले 37० पुलिसजनों में उत्तर प्रदेश के 76 पुलिसजन सम्मिलित हैं। इनमें 2 पुलिस उपाधीक्षक, 1 निरीक्षक, 15 उपनिरीक्षक, 3 मुख्य आरक्षी(पी), 1 मुख्य आरक्षी टीपी, 1 मुख्य आरक्षी पीएसी, 11 मुख्य आरक्षी, 41 आरक्षी एवं 1 आरक्षी चालक हैं। इस बारे में डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि इन शहीद पुलिस कर्मियों की याद में हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धांजलि समारोह पुलिस लाइन में 21 अक्टूबर को आयोजित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिस कर्मियों का यह बलिदान उनकी सच्ची समर्पण भावना एवं कर्तव्य-परायणता का द्योतक है तथा कर्तव्यनिष्ठा एवं जनसेवा के प्रति उनकी संकल्पबद्धता को प्रतिबिम्बित करता है। इन वीर पुलिस कर्मियों का त्याग एवं बलिदान देशभक्ति का अद्बितीय उदाहरण बनकर हमारी भावी पीढ़ी को सदैव कर्तव्य-परायणता के मार्ग पर निर्भीकता के साथ अनुगमन की प्रेरणा देता रहेगा।

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