यूपी बोर्ड हाईस्कूल इण्टरमीडिएट के टाॅप टेन विद्यार्थियों की कॉपी वेबसाइट पर होंगी अपलोड

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लखनऊ। सभी जिला विद्यालय निरीक्षको को सम्बन्धित मण्डलायुक्त से समन्वय स्थापित कर आगामी 30 अप्रैल तक मण्डलीय शुल्क नियामक समिति का गठन करना होंगे। कोई भी विद्यालय 9.25 प्रतिशत से अधिक फीस किसी भी कीमत पर नहीं बढ़ा सकता है। सभी राजकीय विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित वर्ग में प्रवक्ताओं के पद सृजित कर दिये गये हैं तथा 30 जून तक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। हाईस्कूल तथा इण्टरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले टाॅप 10-10 विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकायें रिजल्ट प्रकाशित होने के एक सप्ताह के अन्दर माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जायेंगी। ये जानकारी  प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने दी। डॉ शर्मा योजना भवन में संयुक्त शिक्षा निदेशकों एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान चलाकर पं दीन दयाल उपाध्याय राजकीय माॅडल इण्टर कालेजों में छात्रों का नामांकन शुरू करा दें तथा इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध करायी जाय, लेकिन यह ध्यान रखा जाय कि कोई भी बुक सेलर किताब के साथ गाइड लेने की शर्त न जोड़ने पाये। यदि ऐसा कोई पाया जाय तो उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करायें। विद्यालयों में कैम्प लगाकर पुस्तक का वितरण करायें। सभी माॅडल स्कूलों में फर्नीचर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करा ली जाय। इसके लिए राज्य सरकार ने 5 करोड़ रूपये की धनराशि जारी कर दी है। 

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्लान के अन्तर्गत अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में स्थापित 37 नये राजकीय इण्टर कालेजों का संचालन सुनिश्चित करायें। इन विद्यालयों के लिए 851 पदों का सृजन किया जा चुका है। इन कालेजों में छात्रों के प्रयोगार्थ फर्नीचर आदि के लिए 655.20 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। विद्यालयों में कक्षा 6,9 तथा 11 में प्रवेश लेने वाले छात्रों को अनिवार्य रूप से आधार से जोड़ें। उन्होंने निर्देश दिए कि अध्यापकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करायी जाय तथा 220 दिन शिक्षण कार्य हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जब तक सभी विद्यालयों में पर्याप्त मात्रा में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो जाती है, तब तक सेवानिवृत्त शिक्षकों को शासन द्वारा निश्चित किए गए मानदेय पर नियुक्त कर शिक्षण कार्य किया जाय।

शिक्षकों की शिकायत के सम्बन्ध मंे उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रधानाचार्य शिक्षकों से उनकी समस्याओं के सम्बन्ध में 1 मई से 15 मई तक प्रत्यावेदन प्राप्त कर लें तथा जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से निदेशक माध्यमिक शिक्षा को 20 मई तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निदेशक माध्यमिक उनकी शिकायतों का निराकरण हर हाल में 20 जून तक सुनिश्चित करायें।

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