मैनेजमेंट के गुरूकुल आईआईएम में फिर पहुंची योगी सरकार, मंदी को लेकर सीएम योगी ने कही ये बात

लखनऊ। पूरी दुनिया आर्थिक मंदी से जूझ रही है। ऐसे में मोदी सरकार ने करों की दरों में कटौती कर साहसिक निर्णय लिया है। इससे अर्थ जगत को नई ताकत प्राप्त होगी। मंदी की मार झेल रहे उद्योगों को नई राहत मिलेगी। नए निवेश आएंगे और मौजूदा निवेशकों को फायदा होगा। दुनिया के अन्य देशों की अपेक्षा भारत मे टैक्स रेट अधिक होने के चलते देश निवेश के मामले में पिछड़ जाता था। अब साउथ एशिया में सबसे आकर्षक टैक्स रेट भारत का हो गया है। इससे यूएस-चीन ट्रेड वॉर से उपजे हालात का लाभ भी भारत को मिलेगा और यहां की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह जानकारी भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों को दी।
लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम-मंथन के तीसरे व अंतिम चरण के तहत रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ एक बार फिर आइआइएम लखनऊ परिसर में थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिन कम्पनियों ने चीन से निकल दूसरा ठिकाना तलाशना शुरू किया है वे भारत आएंगी। देश को सबसे अच्छा निवेश डेस्टिनेशन बनाने की पहल का फायदा यूपी को भी काफी होगा, क्योंकि हम लोगों ने सेक्टरोल पॉलिसी तैयार की है। मार्केट सेंटीमेंट को देखें तो आजादी के बाद का यह सबसे साहसिक निर्णय है। एक दिन में 7 लाख करोड़ रुपये की नई छलांग मार्केट में आई। टैक्स कट से यूपी पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। 2006 से लेकर अब तक विभिन्न पॉलिसियों में जिन्होंने यूपी में निवेश किया है उन्हें भी इस छूट का लाभ मिलेगा। नए बदलाव से ऑटो,कैपिटल इंसेटिव इंडस्ट्री फायदे में रहेगी।
तीसरे चरण में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर वाली बनाने के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना को मंत्रियों और अफसरों के समक्ष अंतिम रूप दिया गया। सूबे के विकास को गति देने के लिए चिह्नित पांच क्षेत्रों में विशेष तौर पर काम करने के सुझाव दिये हैं।
शासन के अधिकारियों ने भी दिए सुझाव
आइआईएम के विशेषज्ञ सीएम योगी के साथ मंत्रियों और शासन के वरिष्ठ अफसरों की टीम को निर्णय करने की क्षमता विकसित करने के मंत्र दिया। इसके साथ ही साथ उन्हें जोखिम का आकलन करने के गुर भी सिखाएं गये। राजनीति के क्षेत्र में अगुआ की नैतिकता उसकी नेतृत्व क्षमता में चार चांद लगाती है, उन्हें यह भी समझाया गया कि किस तरह कुशल नेतृत्व में प्रतिकूल परिस्थितियां भी अनुकूल बनाई जा सकती हैं और उससे बेहतर परिणाम पाया जा सकता है।

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