तू नारी है, हर सम्मान की हकदारी है मुक्त हो जा अबला नाम से-अभिलाषा

Abhilasha Chaudhary Writer

तू नारी है, हर सम्मान की हकदारी है
मुक्त हो जा अबला नाम से
सबला बनने की तैयारी है

तू वर्षों से बेड़ियों परंपराओं में, जकड़ी किलकारी है
हरा हर बंदिश को, स्वयं से स्वयं की आजादी की बारी है

तू कोमल है, अनगिनत सहसों को समेटे फुलवारी है
बांध पीठ पर लाल को, आज के शैतानों पर भारी है

तू जिम्मेदारियों से लदी, बिन चालक की सवारी है
चढ़ एक पैर से एवरेस्ट पर, फतह भी जिससे हारी है

तू ममता है करुणा है, हर रूप तेरा ईश्वर का अवतारी है
मत दबा अपनी पहचान को, बन अमिट छाप जिसकी तू सच्ची अधिकारी है

तू देती कितनों को जन्म,
हर पल फिर क्यो खुद को मारी है
जी ले जी भर कर, ये ज़मीन भी तुम्हारी है।

– अभिलाषा चौधरी

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