पीड़ित किसान 72 घंटे में दें नुकसान की सूचना, मिलेगा लाभ, प्रमुख सचिव कृषि डाॅ देवेश ने फसल बीमा को लेकर की समीक्षा

न्यूज डेस्कं। रबी 2019-20 मौसम के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में माह मार्च, 2020 में ओलावृष्टि, अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण रबी फसलों को व्यापक नुकसान को देखते हुए प्रमुख सचिव, कृषि, उत्तर प्रदेश शासन डा0 देवेश चतुर्वेदी ने प्रदेश में कृषकों के हित में सभी बीमा कम्पनी के अधिकारियों को यह निर्देशित किया है कि बीमा कम्पनी अपने सूचना तंत्र को सुदृढ़ करते हुए किसानों से नुकसान की सूचना समय से प्राप्त करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही साथ कम्पनियों को यह भी निर्देशित किया है कि कम्पनियॉं शिविर लगाते हुए किसानों की फसलों को हुये नुकसान की सूचना प्राप्त करें तथा योजना के प्राविधानों के अनुसार प्रभावित किसानों को हुए नुकसान की भरपाई निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करायें।
प्रमुख सचिव कृषि, डा0 देवेश चतुर्वेदी गत बुधवार को प्रदेश में संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जनपदों में माह मार्च, 2020 में ओलावृष्टि, अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण रबी फसलों को व्यापक नुकसान की सूचना प्राप्त हो रही है। योजना के प्राविधानों के अनुसार स्थानिक आपदा के अन्तर्गत कवर किये गये जोखिम की स्थिति में फसल को हुए नुकसान की सूचना बीमित किसानों द्वारा घटना के 72 घंटे के अन्दर अपने जनपद की बीमा कम्पनी को दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसान अगर समय सूचना देंगे तो उन्हे समय से इसका लाभ मिल सकेगा।
किसान टोल फ्री नंबर पर दे सकते हैं सूचना
बीमा कम्पनियों के टोल फ्री नम्बर अथवा प्रदेश में स्थापित संयुक्त टोलफ्री नम्बर-1800120909090 पर किसानों द्वारा अपनी फसल के नुकसान की सूचना निर्धारित समयावधि में दी जा सकती है। प्रमुख सचिव ने बैठक में खरीफ 2019 मौसम के अन्तर्गत देय क्षतिपूर्ति के भुगतान की समीक्षा की तथा जिन कम्पनियों द्वारा क्षतिपूर्ति का भुगतान अभी तक पूर्ण रूप से सुनिश्चित नहीं किया गया है, उन सभी कम्पनी के अधिकारियों को देय ब्याज सहित क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।

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