उत्तर प्रदेश की सीमाएं होंगी सील, जरूरी सामानों की ढुलाई करने वाले वाहनों को ही मिलेगी छूट

न्यूज डेस्क। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश सरकार सख्त से सख्त कदम उठा रही है। सरकार ने अब प्रदेश की सीमाओं को भी सील करने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश में 17 शहरों में 25 मार्च तक लॉकडाउन है। लॉकडाउन के दौरान भी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में लगे वाहनों के संचालन में छूट देने के साथ ही आवश्यक सेवा में लगे कर्मियों को विशेष पास जारी करने की योजना तैयार की है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रदेश के मंडलायुक्तों जिलाधिकारियों, एसएसपी, एसपी और लखनऊ व गौतमबुद्धनगर के पुलिस आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वह लॉकडाउन वाले जिलों में आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले ट्रकों व अन्य वाहनों को न रोकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सभी अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पूरी तरह सील करने का निर्देश दिया है। उप्र की सीमाएं पड़ोस के सात राज्यों से लगती हैं। वहीं नेपाल के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा है। उन्होंने एक उत्कृष्ट और स्थायी डिजास्टर कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए कहा, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। यह कंट्रोल रूम प्रदेश में निरंतर सजगता से निगरानी करेगा और किसी भी आपदा की स्थिति की सूचना तत्काल शासन को उपलब्ध कराएगा। इस कंट्रोल रूम से ‘102‘, ‘108‘, ‘112‘ जैसी सेवाएं भी लिंक की जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अपने सरकारी आवास पर लॉकडाउन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति से प्रभावित दिहाड़ी मजदूरों, दैनिक कामगारों और पेंशन योजना के लाभार्थियों को दी जाने वाली राहत से जुड़ी व्यवस्था की भी समीक्षा की। योगी ने सूबे के विभिन्न जिलों में अन्य प्रदेशों से आने वाले यात्रियों को बसों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने का निर्देश दिया। विभिन्न राज्यों व जिलों में पड़ने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को अपने क्षेत्रों में ही रुकने के लिए कहा ताकि एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रुक सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अन्य आवश्यक वस्तुओं, दूध, फल-सब्जियों तथा दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर पीआरवी 112 के वाहनों का उपयोग सप्लाई में करने का सुझाव दिया। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि आवश्यक वस्तुओं के दाम हर हाल में स्थिर रहें। लॉकडाउन प्रभावित जिलों में निर्बाध विद्युत और जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लॉकडाउन में असहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा।
आपदा की स्थिति से निपटने के लिए एक इंटीग्रेटेड व्यवस्था बनाने के साथ उन्होंने सभी जिलों में चिकित्सा से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता करने का निर्देश दिया। इसके लिए एनआरएचएम फंड का उपयोग करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इमरजेंसी उपकरण, मास्क, दसताने, अन्य आवश्यक चिकित्सकीय वस्तुओं की आपातकालीन क्रय प्रक्रिया के बारे में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से जानकारी ली और इस संबंध में दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कमेटी गठित कर प्रक्रिया तय कर शीघ्रता से आवश्यक खरीद करने के निर्देश दिए। खरीद के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के लिए कहा।

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