UPRTOU को लखनऊ में मिला अपना भवन, राज्यपाल ने किया उद्घाटन, राज्यपाल ने कही ये बातें

लखनऊ। राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी (यूपीआरटीओयू) को राजधानी में अपना भवन मिल गया है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इस भवन का विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह की मौजूदगी में किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की कुलाधिपति होने के नाते मेरा विश्वास है कि विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर का निजी भवन होने से विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विश्वविद्यालय है जो मुक्त शिक्षा के माध्यम से प्रदेश के कोने-कोने तक हर वर्ग तक पहुंचने में दिनानुदिन सफल हो रहा है। इस दौरान राज्यपाल कहा कि सभी राज्य विश्वविद्यालयों में संविधान की प्रस्तावना, अधिकार एवं कर्तव्यों का उल्लेख करते हुए होर्डिंग लगायी जायेगी। जिससे विद्यार्थी अध्ययन के समय से ही अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की भी जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय में ‘संविधान की प्रस्तावना’ की होर्डिंग लगाया जाना यह दर्शाता है कि यहाँ के लोग राष्ट्र के सम्मान के प्रति कितना लगाव रखते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ संविधान में उल्लिखित अधिकारों एवं कर्तव्यों से संबंधित होर्डिंग भी लगायी जानी चाहिए। बता दें कि अभी तक विश्वविद्यालय की ओर से लखनऊ में रीजनल सेंटर के लिए कोई निजी भवन नहीं था। इससे पहले ये सेंटर रिंग रोड पर एक किराये के भवन में संचालित था।

उच्च शिक्षा में कम हो रहा नामांकन
देश को यदि प्रगति की ओर ले जाना है तो उसमें युवाओं भागीदारी बेहद महात्वपूर्ण है, राज्यपाल ने इस पर चर्चा करते हुए कहा कि आज 12वीं की शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा में कम नामांकन प्रतिशत काफी कम है। उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों में छात्रों का नामांकन प्रतिशत बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में नामांकन का प्रतिशत अभी 25.9 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत 26.3 से कम है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 2035 तक उच्च शिक्षा का नामांकन 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सभी विश्वविद्यालयों को नामांकन प्रतिशत बढ़ाने के लिये अभी से प्रयास में जुड़ना होगा।

सीएए का सिलेबस लागू करना अहम निर्णय
राज्यपाल ने कहा कि सीएए का पाठ्यक्रम लागू करने वाली पहली यूनिवर्सिटी यूपीआरटीओयू बना है ये बेहद खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि पहले विश्वविद्यालय की ओर से पहले भी विश्वविद्यालय प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक 1200 से अधिक अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं सामाजिक आवश्यकता के अनुरूप 116 शैक्षिक कार्यक्रमों को संचालित कर रहा है।

शिक्षा के लिए कोई उम्र नहीं-कुलपति
इस मौके पर उपस्थित विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती है। उन्होंने कहा कि यूपीआरटीओयू ने हर उम्र के व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षित हो यह शिक्षण संस्थानों का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सामान्य, कौशल विकास, रोजगारपरक तथा जागरूकता संबंधी विविध कार्यक्रम सम्मिलित हैं, जो विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय व वैश्विक दृष्टि को दर्शाते हैं।

2035 तक उच्च शिक्षा में 50 प्रतिशत नामांकन
कुलाधिपति ने विश्वास व्यक्त किया कि लखनऊ में नए भवन के बनने के बाद यहां से उच्च शिक्षा से वंचित वर्ग तक पहुंचने में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय समर्थ एवं सक्षम सिद्ध होगा। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा 2035 तक उच्च शिक्षा नामांकन अनुपात 50ः तक पहुंचाने में मुक्त विश्वविद्यालय अपनी निर्णायक भूमिका अदा करेगा।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब हम स्वस्थ हैं तो यह राष्ट्र एवं समाज भी स्वस्थ होना चाहिए।1 उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि मुक्त विश्वविद्यालय अपने शैक्षिक कार्यक्रमों एवं सामाजिक सरोकार के चलते निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी अजय कुमार सिंह, लखनऊ केंद्र के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर ओमजी गुप्त, कृषि विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर पीपी दुबे, मानविकी विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर आरपीएस यादव एवं क्षेत्रीय समय में डॉ नीरांजलि सिन्हा समेत विश्वविद्यालय के अधिकारी शिक्षक एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

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