पान उत्पादन में नंबर वन होगा यूपी, प्रदेश सरकार उत्पादकों की दूर करेगी समस्या

न्यूज डेस्क। पान उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश सभी राज्यों से आगे होगा, वहीं पान उत्पादकों की समस्याओं का भी संज्ञान प्रदेश सरकार ने लिया है। शुक्रवार को उद्यान विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीराम चैहान ने कहा है कि प्रदेश में पान उत्पादकों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से करने की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि पान उत्पादकों को अब तकनीकी प्रशिक्षण के साथ ही आवश्यक सुविधाएं भी सुलभ कराई जायेंगी। सरकार का प्रयास है कि पान उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बने। अब जनपद स्तर पर पान उत्पादकों की कठिनाइयों के निराकरण की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं। श्री चैहान ने बताया कि प्रदेश में व्यापारिक दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश के कई जनपदों का पान आज भी पूरे देश में प्रसिद्ध है। पान की उत्पादकता मौसम के प्रभाव के कारण पूर्व में प्रभावित हुई हैए किन्तु सरकार ने इस ओर विशेष ध्यान केन्द्रित किया है और पान उत्पादकों को हर संभव सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश के इन जिलो में होती है पान की खेती
प्रदेश में पान की खेती प्रमुख रूप से महोबा, ललितपुर, बांदा, कानपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, रायबरेली, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, आजमगढ़, देवरिया, बस्ती, मिर्जापुर, बाराबंकी, वाराणसी व गोरखपुर आदि जनपदों में होती है।
पान उत्पादन के लिए बढ़ेगा क्षेत्रफल
वर्तमान में उ0प्र0 में 800 से 1000 हे0 में पान की खेती की जा रही हैं। पान की उन्नत खेती एवं इसके क्षेत्रफल को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अधिक पान उत्पादन करने वाले किसान होंगे सम्मानित
उद्यान राज्यमंत्री ने बताया कि राज्य सेक्टर के तहत गुणवत्तायुक्त पान उत्पादन की प्रोत्साहन योजना प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित है। ये जनपद हैं उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, प्रतापगढ, इलाहाबाद, बलिया, आजमगढ़, कानपुर नगर, बांदा, मिर्जापुर, सोनभद्र। इन जिलों में 1500 वर्गमीटर में पान बरेजा निर्माण की इकाई लागत 151,360 का 50 प्रतिशत धनराशि 75680 का अनुदान डी0बी0टी0 के माध्यम से लाभार्थी कृषकों के बैंक खाते में सीधे अन्तरित की जाती है। इस प्रकार से 1500 वर्गमीटर में निर्मित पान बरेजा से कृषकों को तीन वर्षों में कुल धनराशि 350.450 लाख का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। वहीं अधिक पान उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जायेगा।

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