यूपी उच्च शिक्षा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा आयोग का होगा विलय, शासन स्तर पर तैयार हुआ प्रारूप

लखनऊ। प्रदेश में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग एवं माध्यमिक शिक्षा सेवा आयोग का आपस में विलय हो जायेगा। शासन स्तर पर इस संबंध में प्रारूप भी तैयार कर लिया गया है। प्रारूप के मुताबिक दोनो आयोग के विलय के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा आयोगा या फिर उत्रर प्रदेश राज्य शिक्षा आयोग कहा जायेगा। इस आयोग की ओर से चयनित किए की जाने वाली सेवाएं, प्रांतीय शिक्षा सेवाएं कहलायेंगी। इन सेवाओं की भी तीन श्रेणियां हैं। क वर्गीय सेवाओं में उच्च शिक्षा में सहायक आचार्य एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों के चयन संबंधी सेवााएं समाहित होंगी। वहीं ख वर्गीय सेवाओं में माध्यमिक शिक्षा में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता एवं एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी सेवाएं समाहित होंगी। वहीं तीसरे चरण के ग वर्गीय सेवाओं में प्राथमिक शिक्षा में सहाययक अध्यापकों की नियुक्ति संबंधी सेवाएं समाहित होंगी।
आयोग में होंगे 14 सदस्य
आयोग गठन (1)PDF
इस आयोग का एक अध्यक्ष होगा, इसके अतिरिक्त कुल 14 सदस्य रहेंगे। अध्यक्ष की अर्हता उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग 1980 में अध्यक्ष पद के लिए दी गयी अर्हता ही मान्य होगी। इस पद के लिए आयु सीमा 65 वर्ष निर्र्धारत की गयी है। साथ ही इस पद के लिए योग्यता को भी 1980 के तहत मान्यता दी गयी है। आयोग में कुल 14 सदस्यों में भी दो कोटि के सदस्य होंगे जिनकी संख्या और 6 और 8 रहेगी। इसमें एक से आठ तक सदस्यों की अर्हता का मानक उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अधिनियम 1980 के तहत निर्धारित योग्यता से होगी। इनकी आयु और कार्यकाल तथा भर्ती निर्धारण राज्य सरकार की ओर से पूर्व अधिनियम के तहत की जायेगी। एक से आठ तक उच्च शिक्षा में साक्षात्कार लेने के लिए अर्ह होंगे वहीं 9 से 14 तक सदस्य माध्यमिक शिक्षा के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों के साक्षात्कार करने के लिए अर्ह होंगे। हालांकि वेतन, भत्ते, आवास इत्यादि की सुविधाएं सभी सदस्यों को समान रूप से प्राप्त होंगी।
इस तरह से आयोग ले सकेगा निर्णय
आयोग में निर्णय सदस्यों के बहुमत के आधार पर ही लिया जा सकेगा। बराबरी रहने पर अध्यक्ष कोश मताधिकार का अधिकार प्राप्त रहेगा। प्रत्येक सदस्य की आपत्ति के बाद अध्यक्ष के अपना निर्णय भी रहेगा। आयोग पूरे राज्य में शिक्षा से संबंधित सेवाएं देगा इसलिए अलग-अलग पदों का भी होना जरूरी हैं। इसमें सचिव, सहायक सचिव उप सचिव, रहेंगे इनका कार्यकाल पांच साल रहेगा।

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