यूपी के किसानों को नहीं देना होगा दंडात्मक ब्याज, सरकार ने किया ऐसा इंतजाम

लखनऊ। किसानों को दंडात्मक ब्याज न देना पड़े तथा वे समय से भुगतान करने की दशा में देय चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज की रियायती दर पर अल्पकालिक फसली ऋण की सुविधा पाते रहें , इसके दृष्टिगत सरकार ने यह निर्णय लिया है कि बैंकों को दो प्रतिशत इंटरेस्ट सबवेंशन तथा किसानों को तीन प्रतिशत प्रॉम्प्ट रीपेमेंट इंसेंटिव की उपलब्धता को बढ़ाई गयी तिथि 31 मई 2020 अथवा भुगतान की वास्तविक तिथि, जो भी पहले हो, तक के लिए जारी रखा जाये।
इस संबंध में भारत सरकार द्वारा आर0बी0आई0 एवं नाबार्ड को जारी निर्देश में कहा गया है कि यह सुविधा ऐसे तीन लाख रूपये तक के अल्पकालिक फसली ऋण पर अनुमन्य होगी जो बैंकों द्वारा किसानों को सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर दिया गया है और जिसका भुगतान आगामी 01 मार्च से आगामी 31 मई के मध्य देय हो रहा है। यह निर्देश आर0बी0आई0 द्वारा पूर्व में विभिन्न प्रकार के लोन की किश्तों की वसूली पर 03 माह के लिए लगाई गई रोक के क्रम में जारी किए गए हैं।
भारत सरकार द्वारा जारी निर्देश में आर0बी0आई0 एवं नाबार्ड से अपेक्षा की गई है कि वे बैंकों को दो प्रतिशत इंटरेस्ट सबवेंशन तथा किसानों को तीन प्रतिशत प्रॉम्प्ट रीपेमेंट इंसेंटिव का लाभ दिए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

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