सड़क हादसों में तीसरे स्थान पर यूपी, प्रमुख सचिव ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए ऐसे आदेश

लखनऊ। सड़क हादसों में उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर और हादसों के बाद मरने वालों की संख्या में यूपी चौथ्ो स्थान पर है। ये बात बुधवार को परिवहन प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने कही। सचिव श्रीमती शुक्ला प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की भयावह स्थित को देखते हुये समीक्षा बैठक बापू भवन स्थित अपने कार्यालय में कर रही थी। उन्होंने कहा कि यूपी पूरे देश में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में तीसरे पायदान पर तथा इससे हुयी मृत्यु में चैथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाये।
प्रदेश में 1०57 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
प्रदेश भर में 1०57 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा चुके हैं। इन स्थानों पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं यहां हुए हादसों के बाद लोगों को जान तक गंवानी पड़ी है। सचिव ने कहा कि ऐसे में अब जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने ये भी कहा कि यातायात नियमों का उल्लघंन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाये।

प्रमुख सचिव परिवहन ने दिए ये आदेश
-1०57 ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य पूरा किया जाये
-सभी स्पाटो पर बोर्ड लगाकर सभी महात्वपूर्ण नंबर लिख जायें
-निकटतम अस्पतालों का बोर्ड पर पता लिखा जाये
-दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र लिखा हुआ संकेतक लगाया जाय।

डीआईजी यातायात को दिए ये निर्देश
-बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई करना होगा
-बाइक से स्टंट करने वालों से सख्ती से निपटा जाये।
-हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने वालों पर भी हो कार्रवाई।
-यातायात नियमों का उल्लघंन करने वालों के लिए विश्ोष अभियान चलाया जाये

ये महात्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए
-फोर लेन सड़कों के किनारे पाîकग का निर्माण किया जाये
-पार्किंग में आवश्यक नागरिक सुविधायें भी विकसित की जाय।
-सभी ब्लैक स्पाट, यमुना व आगरा एक्सप्रेस-वे पर शीघ्र लाइटिग की व्यवस्था की जाय।
परिवहन विभाग को दिए ये निर्देश
-सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाये।
– रोड सेफ्टी फिल्म्स व विज्ञापनों को लगाया जाये।
-स्कूलों में निबन्ध, वाद-विवाद व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हो।
-जागरुकता के लिए नुक्कड़ नाटक व गोष्ठियां भी आयोजित की जाये।

हाइवे पर ट्रॉमा सेंटर बनान्ो के निर्देश
प्रमुख सचिव परिवहन कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति को जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए एम्बुलेन्स में फस्र्ट एड की उपलब्धता तथा नेशनल हाई-वे पर 1०-1० बेड के ट्रामा सेन्टर बनाये जायं। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है कि सड़क पर कुत्ते, गाय, सुअर व अन्य जानवर न आने पायें, इसके भी उपाय किये जाये।

बेसिक शिक्षा परिषद को भी निर्देश
प्रमुख सचिव ने कहा कि बेसिक शिक्षा में बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों को खेल-खेल में सिखाने का प्रयास हो ऐसा पाठ्यक्रम बने तथा सप्ताह में एक दिन बच्चों को टैàफिक पाîकग में घुमाने भी ले जायें। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा में यातायात को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने के भी निर्देश दिए।