यूपी बोर्ड परीक्षा-5० हजार प्रधानाचार्य तो 5 हजार लेता था साल्वर, एसटीएफ ने 1० को दबोचा

लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा में किस तरह से नकल माफिया का रूप में प्रधनाचार्य और शिक्षक ही अपना रोल निभाते हैं इस बात का खुलासा एसटीएफ ने 2०18 की बोर्ड परीक्षा में कर दिया है। अभी तक कई शिक्षक के रूप में नकल माफियाओं और प्रधानचायोर्ं को एसटीएफ ने उनके अंजाम तक पहुंचाया है। एक बार फिर एसटीएफ ने नकल माफिया का रोल निभाने वाले प्रधानाचार्य समेत 1० लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रधानाचार्य अपने साथी शिक्षकों के साथ बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिका को लिखने का काम करता था। गिरोह के कुछ लोग छात्रो को बोल बोलकर भी नकल करवाते थ्ो। पूरा मामला एटा जिले का है।
एसटीएफ एसपी अभिष्ोक सिंह ने बताया कि 6 फरवरी से शुरू हुई यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराये जाने के लिए पूरे यूपी में एसटीएफ की टीमें सक्रिय है। इसी क्रम में एटा जिले में नकल का ख्ोल करने वाले एक प्रधानाचार्य समेत 1० लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। उन्होने बताया कि
इस सम्बन्ध में राजीव नारायण मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ पश्चिमी गौतमबुद्घनगर नेतृत्व में एक सूचना मिली थी कि एटा मेें माध्यमिक, बोर्ड की परीक्षा के नकल माफियाओ के गिरोह द्बारा सुनियोजित तरीके से अनुचित लाभ लेकर नकल माफियाओें के द्बारा परीक्षा करायी जा रही है। इस सम्बन्ध मेें जनपद एटा के प्रशासनिक अधिकारियोें के साथ कथित परीक्षा केन्द्र मेें चल रही परीक्षा की जाँच की गयी तो पाया गया कि इस निर्धारित परीक्षा केन्द्र के कुछ छात्रो का प्रश्न पत्र वहाँ से कुछ दूरी पर स्थित मां गायत्री इन्टर कालेज मेें सॉल्वरोें के माध्यम से हल किया जा रहा है।
बंद कमरे में 9 लोग कॉपी लिखते पकड़े गये
जांच में पता चला कि माँ गायत्री इन्टर कालेज बोर्ड परीक्षाओं के लिए निर्धारित परीक्षा केन्द्र भी नही है। इस पर परीक्षा केन्द्र माँ गायत्री इन्टर कालेज मेें जाकर जाँच की गयी तो पता चला कि स्कूल के एक कक्ष के अन्दर दरवाजा बन्द करके एकान्त मेें बैठे हुए 9 युवकों द्बारा कापियाँ लिखी जा रही हैं। युवको ने पूछने पर बताया कि यह परीक्षा हम पैसे लेकर कापियां लिख रहें है।
प्रधानाचार्य ने उपलब्ध कराया था अंग्रेजी का प्रश्नपत्र
पूछताछ में युवकों ने बताया कि यें कापियाँ और आज का प्रश्न पत्र (अंग्रेजी प्रथम) उनको स्कूल के प्रधानाचार्य गौरीशंकर व उसके लडके शिव प्रकाश उर्फ अवनीश ने उपलब्ध कराये थे और स्कूल मेें कापियाँ लिखते समय गौरीशंकर का भाई उमाशंकर कक्ष की छत पर बैठकर निगरानी करता है। सामूहिक एवं व्यक्तिगत पूछताछ पर पता चला कि प्रधानाचार्य/केन्द्र व्यवस्थापक गौरीशंकर ही सामूहिक नकल कराने का मुख्य सरगना है तथा गौरीशंकर व उसके भाई उमाशंकर द्बारा नकल के लिए प्रत्येक छात्र से 4० से 5० हजार रुपये की अवेैध वसूली की जा रही थी।
प्रत्येक साल्वर को दिया जाता था पांच हजार
पूछताछ में पता चला कि प्रत्येक सॉल्वर को 5 हजार रुपये दिया जाता है। चॅूकि विद्यालय के सभी कक्षो मे सीसीटीवी लगा दी गयी थी जिसके कारण सॉल्वरो को वहा ले जाना संभव नही था इसीलिए पास मेें स्थित माँ गायत्री इन्टर कालेज में लाकर सॉल्वरो के द्बारा हल किया जा रहा था।

एसटीएफ ने इन्हें किया गिरफ्तार
प्रधानाचार्य गौरीशंकर पुत्र भवानी शंकर
तेजेन्द्र पुत्र कलक्टर
विपिन कुमार पुत्र जयवीर सिंह
नेपाल सिंह पुत्र शैतान सिंह
राज कुमार पुत्र रामेन्द्र सिंह
राहुल पुत्र नरेन्द्र सिंह
अजय सिंह पुत्र देवेन्द
सुमित कुमार पुत्र रामेन्द्र सिंह
रमन पुत्र भूरे सिंह
दिलीप कुमार गुप्ता पुत्र रक्षपाल गुप्ता

ये हुआ बरामद
1०9 कापिॅया लिखी हुई बिना मुख्य पृष्ठ के पाई गई।
2०2 कॉपी खाली पाई गयी।
318 उत्तर पुस्तिका बिना मुख्य पृष्ठ के सादी पाई गयी।
4०7 सादी उत्तर पुस्तिकाओं के मुख्य पृष्ठ पाये गये।
प्रश्नपत्र भी बरामद हुए