उन्नाव रेपकांडः अब खंड शिक्षा अधिकारी और दो शिक्षकों को भी देनी पड़ी सुरक्षा

न्यूज डेस्क। यूपी के उन्नाव में हुए रेपकांड के मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप तो तय कर दिए गये हैं। कुलदीप सिंह सेंगर भले ही जेल में हैं लेकिन उनका खौफ अभी बरकरार है। यही कारण है कि पीडि़त परिवार के लोग जो भी इस केस से जुड़े है उसमें सीबीआई सुरक्षा को लेकर कोई चूक नही करना चाहती है। पीड़ता समेत कुल नौ लोगों की सुरक्षा बढाई गयी है इसमें एक खंड शिक्षा अधिकारी और दो शिक्षकों को भी सुरक्षा मिली है।
दरअसल खंड शिक्षा अधिकारी और दो शिक्षकों को सुरक्षा देना सीबीआई ने इस लिए जरूरी समझा है क्योंकि उन्नाव में बांगरमऊ विधायक कुलदीप सेंगर को आरोपित करने के बाद कोर्ट के दुष्कर्म पीडि़त का जन्म प्रमाण पत्र मांगा गया। ऐसे में प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले अधिकारी समेत शिक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी को सुरक्षा प्रदान कर दी गई। पीडि़त के नाना और दो मामा की सुरक्षा भी पुलिस ने संभाल ली है। आठ अगस्त को एलआइयू ने रिपोर्ट दी थी, जिस पर बुधवार को नाना, दो मामा, स्कूल के प्रधानाध्यापक, दो शिक्षक, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव और दो खंड शिक्षा अधिकारी सुरक्षा मिल गयी है।
पीडि़ता के नाना और मामा को भी मिली सुरक्षा
न्यूज डेस्क। उन्नाव रेप कांड मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर जहां सुप्रीम कोर्ट की राडार पर है। वहंी दूसरी ओर पीडि़ता व उसे परिजनों की सुरक्षा में बढ़ोत्तरी कर दी गयी है। पीडि़ता के नाना और मामा समेत नौ लोगों को सुरक्षा मिली है। उन्नाव के माखी गांव पीडि़ता के सड़क दुर्घटना में घायल होने के मामले में सीबीआइ ने जांच तेज कर दी है। सेंगर पर दुष्कर्म के साथ ही दुर्घटना में पीडि़त को मारने के आरोप तय करने के साथ ही सीबीआई ने पीडि़त के रिश्तेदारों तथा गवाहों की सुरक्षा भी काफी कड़ी कर दी है।
सुरक्षा को लेकर एलआईयू से मांगी गयी रिपोर्ट
पीडि़त के नजदीकी लोगों की सुरक्षा के लिहाज से एलआइयू से रिपोर्ट मांगी गई। जिस पर पीडि़त के तीन नजदीकी परिवार वालों समेत नौ लोगों को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है।
पाक्सो एक्ट के तहत नये सिरे से तय होंगे आरोप
दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म केस के मुख्य आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पॉक्सो के एक्ट तहत नए सिरे से आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं। अब सेंगर के ऊपर पॉक्सो एक्ट की धारा 5(सी) के तहत भी आरोप तय हुए हैं। ऐसे में 10 वर्ष की सजा हो सकती है।

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